बड़ी कंपनिया हायरिंग के लिए पॉलीग्राफ टेस्ट करने की तैयारी में….

दरअसल अब बड़ी कंपनिया हायरिंग के लिए पॉलीग्राफ टेस्ट करने की तैयारी कर रही है।

बता दें कि इतना ही नहीं कंपनिया नौकरी देने से पहले अभ्यर्थी की सत्यनिष्ठा और ईमानदारी की जांच के लिए लाई डिटेक्टर टेस्ट भी कर सकती हैं। हैदराबाद की एक प्राइवेट फोरेंसिक लैब का कहना है कि हमारे पास कंपनियों की ओर हर साल 20-30 मामले आते हैं। हालांकि सारे टेस्ट कर्मचारी की अनुमति के बाद ही किए जाते हैं।

लैब के डाइरेक्टर प्रसाद ने कहा कि पॉलीग्राफ टेस्ट एक पूछताज का जरिया है जिससे संबंधित सबूतों की पुष्टि होती है। कई कंपनियां कर्मचारियों का हायर करने से पहले टेस्ट के लिए हमारे पास भेजती हैं।

 

प्रसाद ने आगे कहा, ‘हमारे पास लाइ डिटेक्टर टेस्ट करने के उपकरण और एक्सपर्ट्स हैं। टेस्ट के समय हार्ट रेट, पल्स, ब्लड प्रेशर और पसीना आने जैसी चीजों पर गौर किया जाता है। साथ ही तरह-तरह के सवाल पूछे जाते हैं और इस प्रकार तैयार होने वाले ग्राफ की स्टडी करके नतीजे पर पहंचा जाता है।’

यह लैब अभी केवल कर्मचारियों से जुड़े मामलों को देखती है। प्रत्येक पॉलीग्राफ टेस्ट पर करीब 5 से 10 हजार का खर्च आता है। प्रसाद ने कहा कि हमने डीएनए परीक्षण और फिंगरप्रिंटिंग के लिए दिल्ली स्थित एक निजी लैब के साथ करार किया है। उन्होंने आगे कहा पितृत्व परीक्षण पति और पत्नी की सहमति के बाद ही किया जा सकता है।

 

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