जगन्नाथ मंदिर के मुख्य खजाना घर की चाबियां गुम……

इस मामले में 2 महीने से आंतरिक स्तर पर जांच चल रही है लेकिन बताया जा रहा है कि, मंदिर के खजाने की चाबी न तो मंदिर प्रबंधन के पास है और न ही जिला कोषागार के पास. बता दें, मंदिर में खजाने के 7 कमरे है जिसमें मंदिर 2 कमरों का उपयोग करता है जबकि बचे 5 का उपयोग नहीं होता है. 

करोड़ों-अरबों रुपयों के लिए हमेशा से विवाद का कारण बनने वाला उड़ीसा का जगन्नाथ मंदिर अब एक बार फिर से विवादों में घिरते नजर आ रहा है, अब भी विवादों में घिरने का कारण मंदिर का खजाना ही है. दरअसल मंदिर के मुख्य खजाना घर की चाबियां गुम हो गई है. चाबी गुम होने के मामले में उड़ीसा में मौजूद विपक्ष और  शंकराचार्य ने उड़ीसा की सरकार पर निशाना साधा है.

 

बता दें, बता दें  जगन्नाथ मंदिर की चाबी गुम होने का मामला 2 महीने पुराना है जिसको लेकर अब जाकर विवाद बढ़ने लगा है जिसके बाद शंकराचार्य और उड़ीसा विपक्ष में बैठी बीजेपी ने उड़ीसा के सीएम नवीन पटनायक पर निशाना साधा है, मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने विवाद बढ़ता देख इस मामले की न्यायिक जांच के आज आदेश दे दिए. कानून मंत्री प्रताप जेना और श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन के प्रमुख पी के जेना के साथ विचार विमर्श के बाद पटनायक ने कहा कि एक न्यायिक आयोग को इस मामले की जांच का जिम्मा सौंपा जाएगा.

 

इस मामले में 2 महीने से आंतरिक स्तर पर जांच चल रही है लेकिन बताया जा रहा है कि, मंदिर के खजाने की चाबी न तो मंदिर प्रबंधन के पास है और न ही जिला कोषागार के पास. बता दें, मंदिर में खजाने के 7 कमरे है जिसमें मंदिर 2 कमरों का उपयोग करता है जबकि बचे 5 का उपयोग नहीं होता है. इन पांच कमरों में मौजूद खजाने के बारे में अभी तक किसी को कोई जानकारी नहीं कि यहाँ पर कितना धन छुपा हुआ है, लेकिन कहा जाता है कि यहाँ मौजूद धन को अगर देश की अर्थव्यवस्था में लगाया जाए तो कुछ ही घंटों में हम दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकते है.

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