मरीजों को सस्ती डायलेसिस की सौगात

किडनी की बीमारी से पीड़ित गंभीर रोगियों के लिए अच्छी खबर है। रेडक्रॉस सोसाइटी एक निजी संस्था के सहयोग से जल्द ही शहर में डायलेसिस यूनिट शुरू कर सकती है। इसे अंतिम रूप देने के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इसके शुरू होने के बाद मरीजों का सस्ते में डायलेसिस हो सकेगा। इसके अलावा गरीबी रेखा से नीचे आने वाले मरीजों का डायलेसिस मुफ्त में करने की योजना है।

निजी संस्था की ओर से शुरू किए जाने वाले डायलेसिस यूनिट शुरू करने को लेकर पिछले सप्ताह निर्णय लिया है। जिसे स्वीकृति के लिए जिला उपायुक्त के पास भेजा है। इस यूनिट के निर्माण पर करीब एक करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसका निर्माण तीन चरणों में पूरा होगा। प्रथम चरण में यह यूनिट 10 बेड की होगी। इसके बाद बेड की संख्या बढ़ाकर 20 तक करने की योजना है। अधिकारियों का दावा है कि मई के अंत तक इसकी रिपोर्ट तैयार कर संबंधित अधिकारी को सौंप दी जाएगी। बताया जा रहा है कि इस यूनिट में मरीजों को दवाइयां भी दी जाएंगी, जबकि निजी अस्पतालों में दवाई समेत डायलेसिस पर 1500 से दो हजार रुपये खर्चा आता है। जबकि इस यूनिट पर यह खर्च 50 फीसदी तक कम हो जाएगा।

रेडक्रॉस के सचिव बीबी कथूरिया :

एक निजी संस्था के सहयोग से शुरू करने की योजना है। इसका खाका तैयार कर उपायुक्त के पास इस महीने के अंततक भेज दिया जाएगा।

यहां बनेगा डायलेसिस यूनिट :

रेडक्रॉस डायलेसिस यूनिट सेक्टर-12 रेडक्रॉस परिसर या बादशाह खान अस्पताल में बनाया जा सकता है, लेकिन पहली प्राथमिकता राजकीय अस्पताल में ही हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार डायलेसिस के दौरान कुछ मरीजों को कई तरीके की बीमारियां परेशान करने लगती हैं। इस दौरान उन्हें विशेषज्ञ डॉक्टर की जरूरत पड़ती है। इसे ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया जा सकता है।

शहर के निजी अस्पतालों में रोजना डायलेसिस करने वाले : 250

महीने में डायलेसिस (गंभीर रोगियों) : 12 हजार

अभी तक यहां होता है डायलेसिस :

एशियन अस्पताल, मेट्रो हार्ट अस्पताल, क्यूआरजी सेंटर अस्पताल, फोर्टिस और सर्वोदय अस्पताल

मेडिकल में भी शुरू करने की है योजना :

ईएसआई मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में कार्ड धारकों के लिए डायलेसिस यूनिट शुरू करने की योजना है। बीके अस्पताल में पहले ही पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप पर एक और डायलेसिस यूनिट का निर्माण कराया जा रहा है।

डायलिसिस यूनिट में ये सुविधाएं होंगी :

– किडनी रोगियों के लिए विशेष, डायलेसिस मशीन, एक दर्जन से अधिक कर्मचारी, पानी साफ करने के लिए आरओ सिस्टम, मनोरंजन के लिए टीवी आदि

रेडक्रॉस के सहयोग से निजी संस्था की ओर से डायलेसिस पर खर्च : करीब 700

निजी अस्पतालों में डायलेसिस पर खर्च : 1500 से 2000

ये हैं शुरुआती लक्षण :

– पैरों और आंखों के नीचे सूजन

– चलने पर जल्दी थकान और सांस फूलना

– रात में कई बार पेशाब के लिए उठना

– भूख न लगना और हाजमा ठीक न रहना

– खून की कमी से शरीर पीला पड़ना

वरिष्ठ नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. जितेंद्र कुमार: पिछले कुछ वर्षों से किडनी रोगियों की संख्या में वृद्धि हुई है। इसका मुख्य कारण स्थूल जीवन शैली और खानपान है। इसी के साथ ऐसी रोगियों को बचाने वालों की संख्या भी बढ़ी है।

किडनी प्रत्यारोपण कराने वालों की संख्या

वर्ष 2015 : 09

वर्ष 2016 : 34

वर्ष 2017 : 18

(अबतक)

(स्रोत स्वास्थ्य विभाग)

किडनी के बीमारियों से बचाव के उपाय

– रोज 8 से 10 गिलास पानी पीएं।

-फल और हरी सब्जियां अधिक मात्रा में खाएं।

-मैग्नीशियम किडनी को सही काम करने में मदद करती है, इसलिए ज्यादा मैग्नीशियम वाली चीजें जैसे गहरे रंग की सब्जियां खाएं।

-खाने में नमक, सोडियम और प्रोटीन की मात्रा घटा दें।

-35 साल के बाद साल में एक बार ब्लड प्रेशर और शुगर की जांच कराएं।

-ब्लड प्रेशर या डायबिटीज के लक्षण मिलने पर हर छह महीने में पेशाब और खून की जांच कराए।

-न्यूट्रिशन से भरपूर खाना, व्ययाम और वजन नियंत्रित रखने से भी किडनी की बीमारी को कंट्रोल किया जा सकता है।

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