तीनों देशों ने मिलकर सीरियाई सरकार के खिलाफ ताबड़तोड़ हमले….

कल रात तीनों देशों ने मिलकर सीरियाई सरकार के खिलाफ ताबड़तोड़ कई हमले किए। इस दौरान दुनिया के सबसे बेहतरीन और अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल भी किया गया।

Syria में पिछले दिनों हुए Chemical Attack के बाद America, France और Britain ने Syria पर बड़ी सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी है।

 

CNN की रिपोर्ट के अनुसार, इस हमले के दौरान दुनिया के सबसे शक्तिशाली लड़ाकू बमवर्षक विमान B-2 के साथ-साथ Tornado और Rafale जेट, अत्याधुनिक युद्ध पोत और दुनिया की सबसे आधुनिक मिसाइल टॉमहॉक का इस्तेमाल भी किया गया। ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि चार टोरनैडो जेट्स से मिसाइलें दागी गईं। इसके अलावा फ्रांस के रक्षा मंत्रालय ने रफाल फाइटर प्लेन्स से मिसाइल दागने का विडियो फुटेज जारी किया है। 400 किलोग्राम वजन सहन कर सकने में सक्षम टॉरनैडो जेट्स 400 किलोमीटर की दूरी से लक्ष्य तक निशाना साध सकता है।

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय की तरफ से दी गई जानकारी में बी-1 बॉम्बर्स का प्रयोग किए जाने की पुष्टि की गई। हालांकि, मंत्रालय की तरफ से इस बारे में और कोई जानकारी नहीं दी गई है। अमेरिकी नौसेना ने स्पष्ट किया कि सीरिया में हवाई हमले के लिए नौसेना की मिसाइल क्रूज का भी इस्तेमाल किया गया है। आरलीग ब्रूक क्लास विध्वंसक और टिकोनडर्गो क्लास क्रूजर्स के साथ दर्जनों टॉमहॉक क्रूज मिसाइल का प्रयोग इस हमले के लिए किया गया। इन सभी क्रूज मिसाइल से 2,500 किमी. की दूरी तक मार किया जा सकता है।

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर राफेल जेट्स के सीरिया हमले में प्रयोग की बात बताई। राफेल जेट्स की खासियत है कि ये हवा में दूर तक मार कर सकते हैं। फ्रांस के एयरबेस से उड़ान भरने का विडियो मैक्रों ने पोस्ट किया। 250 माइल्स की दूरी से मार कर सकने में सक्षम इन जेट्स को सीरिया की ओर से काउंटर मिसाइल हमले झेलने की जरूरत नहीं है।

टॉमहॉक क्रूज मिसाइल का प्रयोग पिछले साल भी सीरिया पर हमले के लिए अमेरिकी सरकार ने किया था। इन मिसाइल की खासियत है कि इनका लक्ष्य युद्ध के दौरान बदला जा सकता है और कम ऊंचाई पर उड़ सकने में सक्षम इन मिसाइलों की जद में दुश्मन के सटीक ठिकाने आ सकते हैं।

 

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