सुरक्षा के कड़े इंतजाम, छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के पहले चरण की 18 सीटों पर वोटिंग जारी

छत्तीसगढ़ में हो रहे विधानसभा चुनाव के पहले चरण की 18 सीटों पर सोमवार सुबह मतदान प्रारंभ हो गया। राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि पहले चरण की 10 सीटों पर आज सुबह सात बजे मतदान शुरू हुआ जबकि आठ सीटों पर एक घंटे बाद आठ बजे से मतदान प्रारंभ हुआ। राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि नक्सल प्रभावित मोहला-मानपुर, अंतागढ़, भानुप्रतापपुर, कांकेर, केशकाल, कोण्डागांव, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और कोण्टा में सुबह सात से दोपहर तीन बजे तक मतदान होगा। वहीं विधानसभा क्षेत्र खैरागढ़, डोंगरगढ़, राजनांदगांव, डोंगरगांव, खुज्जी, बस्तर, जगदलपुर और चित्रकोट में सुबह आठ बजे शाम पांच बजे तक मतदान होगा।

PunjabKesari
अधिकारियों ने बताया कि राज्य के दक्षिण क्षेत्र बस्तर के सात जिले और राजनांदगांव जिले की 18 विधानसभा सीटों के लिए कुल 190 उम्मीदवार चुनाव मैदान में है जिनकी किस्मत का फैसला यहां के 31,80,014 मतदाता करेंगे। इनमें से पुरूष मतदाताओं की संख्या 15,57,435 तथा महिला मतदातओं की संख्या 16,22,492 है। वहीं 87 मतदाता तृतीय लिंग के हैं। उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में कुल मतदान केन्द्रों की संख्या 4,336 है। जिन 18 सीटों पर आज मतदान हो रहा है उनमें से 12 सीट बस्तर क्षेत्र में तथा छह सीट राजनांदगांव जिले में है।

PunjabKesari
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
राज्य के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में मतदान के चलते सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं तथा सुरक्षा बल के लगभग सवा लाख जवानों को तैनात किया गया है। निर्वाचन अधिकारियों ने बताया कि राज्य में चुनाव कार्य के लिए केंद्र से लगभग 65 हजार जवानों को यहां भेजा गया है जिनमें अर्द्धसैनिक बल और पुलिस बल के जवान शामिल हैं। क्षेत्र में सुरक्षा बल के जवान लगातार गश्त में हैं तथा पड़ोसी राज्यों की पुलिस के साथ भी बेहतर तालमेल बनाकर अभियान चलाया जा रहा है। क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए मोबाइल चेक पोस्ट भी बनाया गया है।

PunjabKesari
राज्य में 20 नवंबर को शेष 72 सीटों के लिए वोट डाले जाएंगे। वहीं वोटों की गिनती 11 दिसंबर को होगी। छत्तीसगढ़ में भाजपा पिछले 15 वर्षों से सत्ता में है और इस बार उसने 90 में से 65 सीटें जीतकर चौथी बार सरकार बनाने का लक्ष्य रखा है। वहीं कांग्रेस को भरोसा है इस बार उन्हें जीत मिलेगी और 15 वर्ष का वनवास समाप्त होगा। राज्य के दोनों प्रमुख दल सरकार बचाने और बनाने को लेकर आमने-सामने हैं।

Facebook Comments