यह शिवजी का पहला ऐसा मंदिर है जहां भक्त महादेव को सिगरेट अर्पित करते हैं….

दिलचस्प बात तो ये है कि यहां इस सिगरेट को कोई सुलगाता नहीं है बल्कि वह खुद ही सुलगता रहता है।  इसमें से धुआं भी इस तरह से निकलता है जिसे देखकर ऐसा लगता है जैसे कि वाकई में कोई सिगरेट पी रहा हो।

महादेव के भक्तों की संख्या अपार है। भगवान शिव ने अमृत मंथन के दौरान विष पान किया था जिस वजह से उन्हें नीलकंठ के नाम से जाना जाता है। शिवजी को भांग की आदत है इस बारे में भी हमें पता है।

लेकिन ऐसा शायद ही किसी को पता हो कि भगवान शिव सिगरेट भी पीते हैं। सबसे ज्यादा हैरान कर देने वाली बात तो ये है कि यहां मंदिर में महादेव अपने भक्तों को निराश नहीं करते हैं और उनके द्वारा चढ़ाए गए सिगरेट को पीते हैं।

 

दिलचस्प बात तो ये है कि यहां इस सिगरेट को कोई सुलगाता नहीं है बल्कि वह खुद ही सुलगता रहता है।  इसमें से धुआं भी इस तरह से निकलता है जिसे देखकर ऐसा लगता है जैसे कि वाकई में कोई सिगरेट पी रहा हो।

यहां लोगों की ऐसी मान्यता है कि भगवान शिवजी ने यहां इस गुफा में लंबा समय व्यतीत किया था। ये गुफा उनके घर के जैसा था। पहाड़ों के बीच स्थित इस मंदिर में लोग दूर-दूर से दर्शन करने आते हैं और शिवजी को कश लगाते हुए देखकर खुद को धन्य समझते हैं।

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