एक बार फिर Hospital से लापरवाही का बड़ा मामला,रेफर किया दूसरी जगह….

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पटौदी में दौलताबाद के रहने वाले जयदेव ने अपनी प्रेग्नेंट पत्नी सोनिया को गुड़गांव सिविल अस्पताल लाया। यहां इमरजेंसी के डाक्टरों ने सोनिया को एडमिट करने की बजाय उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर करने को कहा।

हैरानी की बात तो यह है कि लेबर पेन से तड़प रही महिला को अस्पताल में व्हील चेयर पर बैठा दिया गया। इस दौरान गर्भ से बच्चे का हाथ बाहर आ गया तो डॉक्टरों ने हाथ वापस गर्भ में अंदर कर दिया। महिला दर्द के कारण तड़पती रही। फिर जब महिला को सफदरजंग अस्पताल ले जाने के लिए जब एंबुलेंस में लेटाया गया उसके बाद ही उसकी डिलीवरी हो पाई। डिलीवरी के बाद महिला को वार्ड में शिफ्ट किया जहां बच्चे की मौत हो गई।

डॉक्टरों ने बताया कि खून की कमी से खतरा होने के कारण यहां डिलिवरी नहीं हो पाएगी। लेकिन 8:15 बजे व्हीलचेयर पर बैठी सोनिया के गर्भ से शिशु का एक हाथ बाहर आ गया। जब स्टाफ को बताया तो बच्चे के हाथ को गर्भ में अंदर कर दिया गया।

फिर जब महिला को एंबुलेंस से सफदरजंग अस्पताल ले जाने के लिए लिटा रहे थे, तभी महिला ने एंबुलेंस में एक बच्चे को जन्म दिया। लेकिन करीब 15 मिनट बाद बच्चे ने दम तोड़ दिया। डीसी ने इस मामले पर संज्ञान लेते हुए सख्त कार्रवाई के लिए टीम गठित कर जांच के आदेश दिए हैं।

 

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