केंद्रीय जांच दल की जाँच में खुलासा ,क्लीनिकल ट्रायल मामले में….

राजस्थान में बिना बताए युवकों पर दवा का क्लीनिकल ट्रायल करने वाले मालपानी अस्पताल की कई करतूतें केंद्रीय जांच दल की जाँच में खुलासा होने का मामला सामने आया है. इसमें मालपानी  अस्पताल के कई झूठों पर से पर्दा उठा है.

उल्लेखनीय है कि जयपुर के मालपानी अस्पताल में मरीजों को बिना बताए ड्रग ट्रायल करने के मामले के उछलने के बाद ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया की चार सदस्यीय टीम जाँच के लिए जयपुर पहुंची. दो दिन की जाँच में जो खुलासे हुए हैं वे हैरान करने वाले हैं. ग्लेनमार्क फार्मा कंपनी की जिस दवा (आस्टियो आर्थराइटिस) के ट्रायल को लेकर राजस्थान सरकार के जिस स्पेशलिस्ट ने एक दिन पहले क्लीन चिट दी थी उसी ट्रायल पर डीसीजीआई की टीम ने जो सवाल उठाए हैं, उससे यह अस्पताल परेशानियों में घिरता जा रहा है.

आपको बता दें कि मालपानी मल्टीस्पेशियलिटी अस्पताल प्रशासन ने विष्णु, मुन्नी देवी और भंवर सिंह पर ट्रायल करने की बात कही थी , लेकिन जांच दल को वे पति -पत्नी के रूप में मिले.जिन्होंने अस्पताल जाने और कोई दवा लेने से भी इंकार किया  .अस्पताल का दूसरा झूठ यह सामने आया कि संबंधित कम्पनी ने ट्रायल के लिए 38 पैकेट दवा भेजी थी.इनमें से 35 पैकेट तो मिल गए लेकिन तीन पैकेट नहीं मिले . खास बात यह कि जिन दो लोगों को दवा देने की बात कही उन्होंने भी इंकार कर दिया .इससे अस्पताल प्रशासन को कथित क्लीनचिट देने वाले एसएमएस अस्पताल के विशेषज्ञ आरसी मीणा का यह दावा भी झूठा साबित होता दिख रहा है, कि जो युवक ट्रायल का आरोप लगा रहे हैं, वे अस्पताल को ब्लैकमेल कर रहे थे. उन पर कोई ट्रायल नहीं किया गया.

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