हिना सिद्धू ने कॉमनवेल्थ गेम्स के दूसरे इवेंट में 25 मीटर एयर पिस्टल में जीता गोल्ड…..

पंजाब की शान हिना सिद्धू ने कॉमनवेल्थ गेम्स के अपने दूसरे इवेंट में 25 मीटर एयर पिस्टल में मंगलवार को गोल्ड जीता है।उनके पिता राजवीर ने बताया कि मुझे भरोसा था कि वह दूसरे इवेंट में गोल्ड जरूर जीतेगी। क्योंकि वह पहले इवेंट में 0.1 प्वाइंट से पीछे रह गई थी और 10 मीटर में सिल्वर मेडल लाई थी।

हिना की इस सफलता में पति रौनक पंडित का भी हाथ है। क्योंकि उन्होंने 2013 में अपने कोच रौनक पंडित से ही शादी कर ली थी। रौनक इंटरनेशनल शूटर हैं।  हिना के पिता रणबीर सिंह भी नेशनल शूटर रह चुके हैं। हीना के चाचा ही उनके गन स्मिथ (बंदूक ठीक करने वाले) हैं।
हिना ने जैसे ही गोल्ड मेडल जीता, उनके कोच और पति ने खुशी से उन्हें गोद में उठा लिया।

दूसरी तरफ सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने हिना को गोल्ड लाने पर बधाई दी, साथ ही कहा कि वह हिना की हर संभव मदद करेंगे। उनके पिता ने सीएम का इसके लिए धन्यवाद किया और कहा कि जल्द ही पंजाब में स्पोर्ट्स पॉलिसी बने। हिना के अलावा अन्य खिलाड़ी भी इसका लाभ उठा पाएंगे। पिता राजवीर सिंह ने बताया कि हिना को बचपन से ही शूटिंग का शौक था इसलिए घर में ही शूटिंग रेंज बना दी थी। इसके बाद एनआईएस में भी प्रैक्टिस की। फिर पुणे, मुंबई में ट्रेनिंग लेने चली गई।

 

दुनिया में नंबर वन शूटर रहीं हिना सिद्धू ने ज्ञान सागर मेडिकल कालेज से बीडीएस की पढ़ाई की है। उनकी स्कूली पढ़ाई यादविंद्र पब्लिक स्कूल पटियाला से हुई है। हिना का पूरा परिवार शूटिंग से ताल्लुक रखता है।

उनके पिता के अलावा भाई करणबीर सिद्धू शूटर हैं। पटियाला में पली-बढ़ी हिना 12वीं कक्षा से शूटिंग कर रही हैं। उनके घर में शुरू से ही शूटिंग का कल्चर रहा। वह 2012 लंदन और 2016 रियो डी जनेरियो ओलंपिक में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। हिना सिद्धू साल 2008 से इंटरनेशनल लेवल पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।

 

अंजलि भागवत के बाद 2010 में गोल्ड लाने वाली पहली महिला शूटर…अंजलि भागवत के बाद वह देश की पहली महिला शूटर हैं। 2013 में हुई विश्वकप निशानेबाजी स्पर्धा में स्वर्ण पदक लाकर दुनिया की नंबर वन शूटर कहलाईं।

उन्होंने रियो ओलिंपिक की एयर पिस्टल स्पर्धा में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया था, हालांकि वह वहां 14वें स्थान पर रही थीं। ग्वांगझु में वर्ष 2010 में हुई एशियन गेम्स में 10 मीटर एयरपिस्टल स्पर्धा में उन्होंने सिल्वर मेडल जीता। वुमंस पेयर शूटिंग की इसी केटेगरी में उन्होंने 2010 में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीता। कॉमनवेल्थ गेम्स में ही सिंगल केटेगरी में उन्होंने रजत पदक प्राप्त किया था।

 

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