पुलिसकर्मियों ने बिना पड़ताल किए ही घायल व्‍यक्ति को मृत पॉलीबैग में रखा….

घायल व्‍यक्ति के सिर पर घाव था और उससे लगातार खून बह रहा था। मौके पर पहुंचे डायल 100 के पुलिसकर्मियों ने बिना पड़ताल किए ही घायल व्‍यक्ति को मृत समझ लिया। इसके बाद उसे अस्‍पताल ले जाने के लिए उस पॉलीबैग में रखा, जिसमें शवों को रखा जाता है।

यूपी के फिरोजाबाद में पुलिस की संवेदनहीनता और मानवता को तार-तार करने वाली घटना सामने आई है। यहां पुलिस को सड़क किनारे एक घायल व्‍यक्ति के पड़े होने की सूचना मिली थी।

पॉलीबैग में रखने के बाद पुलिसकर्मी उसे अस्‍पताल ले गए। वहां डॉक्‍टर ने घायल को जीवित पाया। ऐसे में उसका तुरंत इलाज कराया गया। पुलिस की लापरवाही के चलते कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। इसी बीच मौका पाकर दोनों पुलिसकर्मी वहां से चले गए। पुलिस का कहना है कि चूंकि उसके सिर से खून लगातार बह रहा था, ऐसे में कार गंदी ना हो, इसके लिए उसे पॉलीबैग में रखा गया था।

मामला शहर के फिरोजाबाद-थाना मक्खनपुर क्षेत्र रामनगर के पास का है। वहां एक 50 वर्षीय अज्ञात व्यक्ति गंभीररूप से घायल अवस्‍था में सड़क किनारे पड़ा था। उसे देख मौके पर लोगों की भीड़ लग गई। इसी बीच किसी ने उसे तड़पता देख इलाज कराने के लिए पुलिस को सूचना दी। कुछ देर बाद डायल 100 पीआरवी-19 के दो पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने पहले तो लोगों से मामला जाना। इसके बाद घायल व्‍यक्ति को बिना जांच पड़ताल किए ही मृत समझ लिया।

 

मौके पर पहुंचे पुलिस कर्मियों ने वहां संवेदनहीनता दिखाई और मानवता तार-तार करते हुए घायल व्‍यक्ति को शव बैग में रखकर उसे बंद कर दिया। इसके बाद पुलिस की कार में उसे रखकर जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर ले गए। वहां मौके पर मौजूद डॉक्‍टर ने जब जांच-पड़ताल की तो जिसे पुलिस मृत समझ रही थी, उसे जीवित पाया। ऐसे में डॉक्‍टर ने तुरंत उसका इलाज शुरू किया। डॉक्‍टर अरुण रावत के मुताबिक व्‍यक्ति की हालत गंभीर थी। ऐसे में उसका इलाज शुरू किया गया और उसे बेहतर इलाज के लिए पुलिसकर्मियों से उसे आगरा ले जाने के लिए भी कहा। डॉक्‍टर ने कहा कि एंबुलेंस बुलाकर घायल को आगरा ले जाइये। इस पर पुलिसकर्मियों का कहना था कि वे अभी वहां अकेले हैं। उन्‍होंने डॉक्‍टर से थाने से पुलिस बुलाने को कहा और वहां से चले गए। इसी बीच घायल व्‍यक्ति की मौत हो गई।

 

मामले में एसपी सिटी राजेश कुमार सिंह का कहना है कि पुलिस को रेलवे लाइन के किनारे एक घायल व्‍यक्ति के पड़े होने की सूचना मिली थी। इस पर पीआरवी-19 को भेजा गया था। उनका कहना है कि उसे शव वाले पॉली बैग में बंद नहीं किया गया था। चूंकि उसका खून लगातार बह रहा था, पुलिस की कार गंदी न हो इसलिए उसे पॉलीबैग में रखकर कार में लिटाया गया और अस्‍पताल पहुंचाया गया।

 

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