जिसने भी गले में पहना ये लॉकेट वो बन जायेगा करोड़पति….

यहां जानिए उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. दयानंद शास्त्री के अनुसार आपकी कुंडली में सूर्य की स्थिति के अनुसार कौन-कौन से उपाय किए जा सकते हैं, जिनसे भाग्य की बाधाएं दूर हो सकती हैं। अगर कुंडली के चतुर्थ भाव में सूर्य हो तो तांबे का सिक्का गले में धारण करना चाहिए।

प्रथम भाव में सूर्य :
जिन लोगों की कुंडली के पहले भाव में सूर्य अशुभ फल दे रहा है, उन्हें जीवन में हमेशा सत्‍य का साथ देना चाहिए। अपनी आय का एक हिस्‍सा जरूरतमंदों की सहायता में खर्च करें। इससे आपके जीवन के कष्‍ट कम हो सकते हैं।

दूसरे भाव में सूर्य :
कुंडली के दूसरे भाव में सूर्य अशुभ हो तो व्यक्ति को अपनी वाणी पर नियं‍त्रण रखना चाहिए। धार्मिक स्‍थलों पर दान और सदाचार का पालन करें।

तृतीय भाव में सूर्य :
तृतीय भाव में सूर्य हो तो व्यक्ति को भूलकर भी बड़े-बुजुर्गों का अनादर नहीं करना चाहिए। घर के बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद पाकर और तीर्थ यात्रा के जरिए कुंडली में सूर्य को अनुकूल बनाया जा सकता है।

चतुर्थ भाव में सूर्य :
इस भाव में बैठे सूर्य को अनुकूल करने के लिए किसी नेत्रहीन व्‍यक्‍ति को 43 दिनों तक लगातार खाना खिलाएं। तांबे का एक सिक्‍का गले में धारण करें। मान्यता है ये धागा इंसान को जल्द ही धनवान बना देता है।

पंचम भाव में सूर्य :
इस भाव में सूर्य होने पर सूर्य देव को नियमित रूप से अर्घ्य देना चाहिए। बंदरों को गुड़-चना खिलाना चाहिए, ये काम सावधानी से करें।

छठे भाव में सूर्य :
इन लोगों को अपने घर में किसी पवित्र नदी का जल रखना चाहिए। रात में सोने से पहले अपने सिर के पास जल से भरा कोई पात्र रखें, सुबह किसी पौधे में ये पानी डाल दें।

सप्‍तम भाव में सूर्य :
इस भाव में बैठे सूर्य से शुभ फल पाने के लिए खाने में नमक का प्रयोग कम करें। काली या बिना सींग वाली गाय की सेवा करें। खाने से पहले रोटी का एक टुकड़ा रसोई की आग में डालें।

अष्‍टम भाव में सूर्य :
इन लोगों को सूर्य से शुभ फल पाने के लिए किसी भी नए काम की शुरुआत से पहले मीठा खाकर पानी पीएं। बहती नदी में गुड़ प्रवाहित करें।

नवम भाव में सूर्य :
ध्यान रखें इस भाव में सूर्य होने पर उपहार या दान में कभी भी चांदी की वस्‍तु ना लें। चांदी की वस्‍तुएं दान करें। क्रोध से बचें और वाणी में मधुरता लाएं।

दशम भाव में सूर्य :
इस भाव में सूर्य हो तो शुभ प्रभाव पाने के लिए पूरी तरह काले और नीले के कपड़े ना पहनें। किसी बहती नदी में 43 दिन तक मछलियों को आटे की गोलियां खिलाएं। मांस-मदिरा सेवन से बचें।

एकादश भाव में सूर्य :
इस भाव में सूर्य होने पर आपको मांस और मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए। रात को सोते समय अपने सिर के पास बादाम या मूली रखकर सोएं। सुबह उठकर इन चीजों का दान किसी मंदिर में करें।

द्वादश भाव में सूर्य :
सूर्य की इस स्थिति में सूर्य हो तो धर्म का पालन करें। दूसरों की गलतियों को क्षमा कर दें। सूर्य की शांति के लिए सूर्य यंत्र की स्‍थापना अपने घर या ऑफिस में करें।

 

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