जरा हटके : दिल्ली में 12 KM लंबा होगा सोलर साइकल ट्रैक कॉरिडोर, नीचे साइकिल चलेगी, ऊपर बिजली बनाई जाएगी

 मार्च 2019 तक राजधानी को देश का पहला सोलर साइकल ट्रैक कॉरिडोर मिल जाएगा। यह मुकरबा चौक से वजीरपुर तक आउटर रिंग रोड पर 12 किलोमीटर लंबा होगा। 2018-19 के बजट भाषण के दौरान उपमुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया ने कहा था, ‘मुझे उम्मीद है कि इस प्रॉजेक्ट से शहर में प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी।’

PWD के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘यह प्रॉजेक्ट बारिश के साथ-साथ धूप से बचने के लिए भी शेल्टर उपलब्ध करवाएगा और बड़ी मात्रा में क्लीन इनर्जी पैदा करेगा। इससे कोयले वाले पावर प्लांट से पैदा होने वाली कार्बन डाइऑक्साइड में कमी आएगी। उन्होंने कहा कि कुछ बिजली स्ट्रीटलाइट में इस्तेमाल की जाएगी और बाकी ग्रिड में भेज दी जाएगी।

बिजली बेचकर 5 साल में प्रॉजेक्ट की लागत वापस आ जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि इस प्रॉजेक्ट के लिए सड़क के किनारे पेड़ों को नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा। योजना है कि फुटपाथ और साइकल ट्रैक के बीच 4.5 मीटर चौड़ा सोलर पैनल लगाया जाएगा जो शेल्टर का काम करेगा। यह लगभग आधा-आधा साइकल ट्रैक और फुटपाथ को कवर करेगा। पीडब्ल्यूडी ने पाइलट प्रॉजेक्ट के तौर पर जगतपुर क्रॉसिंग बस स्टॉप को कुछ ऐसा ही बनाया है।

बता दें कि 26 पॉइंट ग्रीन बजट स्कीम के तहत PWD इस काम को पूरा करेगी। अनुमान लगाया जा रहा है कि इस प्रॉजेक्ट से 6MW क्लीन इनर्जी पैदा की जा सकेगी। सरकार का कहना है कि 31 अक्टूबर तक इसका टेंडर दे दिया जाएगा। ग्राउंड वर्क 15 जनवरी तक शुरू हो जाएगा और मार्च 2019 में खत्म होगा। हालांकि बिजली विभाग ने ग्रिड मीटरिंग पॉलिसी पर अभी फैसला नहीं लिया है इसलिए प्रॉजेक्ट में देरी हो रही है। PWD का कहना है कि इस प्रॉजेक्ट की सफलता के बाद शहर में और भी कॉरिडोर बनाए जाएंगे।

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