मरीज वॉर्ड से हुआ लापता, कैंटीन से मिला शव

बीएमसी के नायर अस्पताल में डेंगू का इलाज करा रहे 60 वर्षीय एक मरीज का शव वॉर्ड से गायब होने के 90 मिनट बाद अस्पताल की कैंटीन से मिलने का मामला सामने आया है। इस मामले में आगरीपाडा पुलिस दुर्घटनावश मृत्यु का मामला दर्ज कर आगे की जांच कर रही है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, हैदराबाद के अहसान अब्दुल गलाल शेख (60) को ठंड और बुखार की शिकायत के बाद 22 जुलाई को अस्पताल में भर्ती किया गया था। जांच में मरीज को डेंगू होने की बात सामने आई थी। हालांकि उपचार के बीच में ही ऐसा क्या हो गया कि अब्दुल गलाल की मौत हो गई और उसका शव कैंटीन से मिला, यह अभी जांच का विषय है।

अस्पताल के एक अधिकारी ने बताया कि मॉनसून के कारण अस्पताल के वॉर्ड में मरीजों की संख्या क्षमता से कहीं अधिक है। अब्दुल गलाल को जिस वॉर्ड में रखा गया था, उसकी क्षमता 40 बेड की है, जबकि वहां 70 मरीज हैं। वहीं, वॉर्ड से निकलते वक्त मरीज सामान्य कपड़े में था, जिसके कारण वॉर्ड छोड़ते वक्त उसकी पहचान नहीं हो सकी। रविवार को मरीज को अस्पताल में भर्ती किया गया था, जबकि सोमवार की दोपहर 12 बजे से मरीज वॉर्ड से लापता था। इस दौरान सुरक्षाकर्मियों के साथ ही नर्स ने मरीज को काफी ढूंढने की कोशिश की। तकरीबन 90 मिनट बाद 1.30 बजे मरीज का शव पुरानी कैंटीन के पास मिला।

सुरक्षा पर सवाल
मरीजों और डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए हर वॉर्ड के बाहर सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। ऐसे में सुरक्षाकर्मियों की उपस्थिति में उपचार के लिए भर्ती कोई भी मरीज बगैर परिजन के वॉर्ड के बाहर कैसे निकला, यह अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगाता है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, हादसे के वक्त मरीज का बेटा दवा लेने के लिए बाहर गया था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, मरीज की छाती में खून जम जाने के कारण उसकी मौत हुई है। ऐसा डेंगू के कारण होना संभव है। बता दें कि इसी साल नायर अस्पताल में लापरवाही के कारण एमआरआई मशीन में फंसकर एक युवक की जान चली गई थी।

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