4 महीने की बच्ची से रेप-हत्या करने वाले दरिंदे को 23 दिन में मिली सजा….

इसी घटना के बाद सरकार ने पोक्सो एक्ट में बड़ा बदलाव किया। जिस तेजी से सरकार ने इस मामले में कानून को बदला, उसी तेजी से कोर्ट ने भी इस मामले की सुनवाई रिकॉर्ड समय में निपटाते हुए आरोपी को फांसी की सजा सुना दी है।

करीब महीने भर पहले मध्य प्रदेश के रजवाड़ा क्षेत्र में 4 महीने की दुधमुंही बच्ची से रेप और फिर बर्बरता से हत्या की घटना ने पूरे देश को हिला कर रख दिया।

बता दें कि 19 फरवरी को अपने परिवार के साथ सो रही 4 महीने की मासूम बच्ची का अपहरण कर लिया गया था। घटना के वक्त पुलिस इलाके में गश्त कर रही थी, लेकिन फिर भी पुलिस बच्ची को ढूंढ नहीं पाई। पिछले महीने 21 अप्रैल को जब बच्ची का शव मिला तब जाकर इस घटना का खुलासा हुआ। मासूम बच्ची के साथ इस हद तक दरिंदगी की हदें पार की गई थी, जिसे देख मामले की जांच कर रहे पुलिस वाले भी रो पड़े। बच्ची का शव इलाके के ही शिव विलास पैलेस के बेसमेंट में मिला था। सीढ़ियों पर चारों तरफ खून ही खून बिखरा हुआ था।

बच्ची के क्षत-विक्षत शव को जांच के बाद जब पुलिसवाले लपेटकर छोटे से बंडल में ले जाने लगे तो उनकी आंखों से भी आंसू आने लगे। इस घटना के बाद इंदौर के वकीलों ने गिरफ्तार किए गए बच्ची के बलात्कारी का केस लड़ने से भी इंकार कर दिया था। जांच में ये भी सामने आया कि आरोपी बच्ची का दूर का रिश्तेदार है और उसका नाम नवीन गड़के है। कोर्ट ने इसी मामले में रिकॉर्ड एक महीने से भी कम में सुनवाई पूरी करते हुए आरोपी को फांसी की सजा मुकरर्र कर दी है।

सिर्फ 23 दिनों पर पूरी हुई सुनवाई : मात्र 21 दिनों में इंदौर जिला कोर्ट में सुनवाई पूरी होने के बाद जज ने कहा कि आरोपी ने दरिंदगी की सारी हदें पार कर दी। एक 4 महीने की बच्ची जो न कुछ बोल सकती है, उसके साथ ऐसी दरिंदगी के लिए हर सजा छोटी है। लिहाजा कोर्ट ने आरोपी को फांसी की सजा सुनाई है। ये भी साफ हो गया है कि आरोपी नवीन गड़के को नए पोक्सो एक्ट के तहत सजा सुनाई गई है।

 

गौरतलब है कि जिस दिन इस घटना का खुलासा हुआ उसी दिन केंद्र सरकार ने पॉक्सो एक्ट में संशोधन का अध्यादेश पारित किया था। 22 अप्रैल को राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद नए पॉक्सो एक्ट कानून बन गया। नए अध्यादेश के मुताबिक 12 साल से कम उम्र के मासूमों के साथ रेप करने के दोषियों को मौत की सजा दी जाएगी। वहीं 16 साल से कम उम्र की लड़की से रेप करनेवाले की न्यूनतम सजा को 10 साल से बढ़ाकर 20 साल किया गया है।

 

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