ध्यान दें ये बातें और बनाये अपना जीवन स्वास्थ्यपूर्ण व खुशहाल….

इंसान के जीवन का एक बहुत बड़ा समय बैडरूम में ही गुजरता है। लेकिन कई बार पलंग के वास्तु विपरीत होने के कारण इसका असर व्यक्ति की कार्यक्षमता और लव लाइफ पर भी पड़ जाता है। यदि वास्तु की कुछ बातों का ध्यान रखा जाए तो पति-पत्नी का जीवन स्वास्थ्यपूर्ण व खुशहाल हो सकता है।

बैड के नीचे का स्पेस खाली और साफ रखना चाहिए, ताकि एनर्जी फ्लो ठीक रहे। अगर आपके पास बॉक्स वाला बैड है तो कोशिश करें कि इसे जमीन से कुछ इंच ऊपर उठाकर रखें।

किसी भी जगह बैड रखते समय इस बात का विशेष तौर पर ध्यान रखें कि बैड दो दरवाजों के बीच न रखा हो। ऐसा होने से इसपर सोने वाले की तबीयत बार-बार खराब होती है और उसे मानसिक अशांति का भी सामना करना पड़ सकता है।

ध्यान रखें कि बैड उस दीवार के साथ न लगा हो, जो बाथरूम और बैडरूम को जोड़ती हो। अगर ऐसा हो तो उस दीवार और बैड के बीच लकड़ी का तख्ता लगाएं। बाथरूम वॉल और बैडरेस्ट जुड़ने से शांति और सक्सेस पर खराब असर पड़ता है।

बैड के सामने शीशा न रखें। अगर कांच में बैड दिखाई देता है तो इससे उस बैड पर सोने वालों की सेहत और रिलेशनशिप दोनों पर नेगेटिव असर पड़ता है।

 

हेड रेस्ट के लिए सही दिशा साउथ है। अगर साउथ पॉसिबल न हो तो ईस्ट वॉल भी चुन सकते हैं। अगर आपका घर डाएगोनल है तो सिर रखने के लिए साउथ-ईस्ट या साउथ-वेस्ट दीवार चुनिए।

बैड की साइड में खिड़की होना अच्छा होता है, लेकिन बैड के पीछे खिड़की नहीं होनी चाहिए। ध्यान रखें कि हेडरेस्ट के पीछे सॉलिड दीवार होनी चाहिए, वरना आपको लाइफ में सपोर्ट की दिक्कत आएगी।

 

अच्छी क्वालिटी की सॉलिड लकड़ी से बैड बनवाना चाहए। सागौन की लकड़ी इसका अच्छा उदाहरण है। रॉट आयरन का बना बैड इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

ध्यान रखिए कि बैड के सीधे ऊपर बीम न हो। इससे आप खुद पर दबाव महसूस करेंगे और आपकी लाइफ में स्ट्रेस रहेगा।

 

आमतौर पर छत तिरछी नहीं होनी चाहिए। लेकिन अगर किसी मामले में ऐसा है तो ऊंची छत वाली डायरेक्शन में बैड रखें, लोअर में नहीं।

 

 

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