आईपीएल के 5 काले सच, जिन्हें जनता को नही दिखाया जाता

हर साल आईपीएल एक त्यौहार के रूप में लॉन्च होता है और पूरी दुनिया में इसका आनंद लेती है। रोमांचक मैचों के अलावा, आईपीएल युवा खिलाड़ियों के लिए एक मंच भी प्रदान करता है और उन्हें बड़ी रकम भी देती है। यही कारण है कि आईपीएल दुनिया के सबसे लोकप्रिय टी 20 टूर्नामेंट बना हुआ है। लेकिन लोकप्रियता के साथ, इसमें कुछ गिरावट भी देखी गई है।जानने के लिए इस आर्टिकल को अंत तक पढ़े

5) नकली आईपीएल प्लेयर

आईपीएल के 5 काले सच, जिन्हें जनता को नही दिखाया जाता

2009 के आईपीएल में, एक ब्लॉग “नकली आईपीएल प्लेयर” काफी वायरल हुआ था, जिसमें लेखक का उल्लेख नहीं किया गया था और कई वेबसाइटों पर विवादास्पद कहानियां पोस्ट की गई थीं जिनमें से अधिकांश कहानिया KKR से संबंधित थीं। उस साल केकेआर बुरी तरह से हार रहा था ।बाद में यह पता चला कि ब्लॉग प्रसिद्ध लेखक अनुपम मुखर्जी द्वारा चलाया गया था।

4) मैच के बाद पार्टी

पार्टी, आईपीएल की नस नस में है ,जब भी टीम जीतती है, खिलाड़ियों के लिए एक पार्टी रखी जाती है, लेकिन इस संस्कृति के परिणामस्वरूप कुछ खिलाड़ियों के लिए समस्याएं भी पैदा हुई हैं।2012 में आईपीएल खिलाड़ी राहुल शर्मा और वेन पार्नेल को एक रेव पार्टी से गिरफ्तार किया गया था जहां पार्टी में कई तरह के अवैध ड्रग्स भी पाए गए थे।

3) चीअरलीडर कॉन्फेशन

जब भी कोई बल्लेबाज़ छक्का मारता या गेंदबाज कोई विकेट लेता है तो चियरलीडर, बाउंडरी के पार खिलाड़ियों की उत्साह बढ़ाती हैं। लेकिन चीअरलीडर के लिए आईपीएल में एक अलग दुनिया है, वे कहती हैं कि जब भी वे स्टेज पर नृत्य कर रही होती हैं, तो भीड़ से कोई गंदे शब्द बोलता है और कोई वीडियो बनाता है।

2) ब्लैक मनी

एक स्टिंग ऑपरेशन के बाद, यह पता चला कि खिलाड़ियों का भुगतान ब्लैक में भी किया जाता है, पुणे वॉरियर्स इंडिया के मोहनिश मिश्रा ने इस बात को कबूला था, कि उन्हें टूर्नामेंट शुल्क के रूप में 1.45 करोड़ लिया लेकिन बीसीसीआई के नियम में अनिश्चित खिलाड़ियों को पहली बार शुल्क के रूप में केवल 30 लाख रूपये दिए जा सकते हैं, और उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने 1.15 करोड़ काले धन लिया।

1) स्पॉट फिक्सिंग

2012 में कई खिलाड़ियों को स्पॉट फिक्सिंग के आरोप में निलंबित कर दिया गया था और उन्हें एक मौका और दिया गया कि वो अब कभी भी फिक्सिंग नही करेंगे। लेकिन 2013 में एक घटना हुई, जहां खिलाड़ियों के साथ-साथ टीम के मालिक भी स्पॉट फिक्सिंग में पाए गए। राजस्थान रॉयल्स के खिलाड़ी श्रीसंत, अजित चंडीला और अंकित चव्हाण को निलंबित कर दिया गया और वे जेल की हवा भी खाए।

इसी तरह, राजस्थान रॉयल्स के मालिक राज कुंद्रा और सीएसके के मालिक गुरुनाथ मयप्पन उदाहरण है,इसकी वजह से दोनों टीमों को 2 साल के लिए निलंबित कर दिया गया

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