कार्तिक ने लगाई गेंदबाजों की क्लास, कहा- हैदराबाद से सीखो बॉलिंग करना

सनराइजर्स हैदराबाद टीम के खिलाफ घरेलू मैदान पर मिली करारी हार के बाद कोलकाता नाइट राइडर्स के कप्तान दिनेश कार्तिक ने टीम के तेज गेंदबाजों से नकल बॉल सीखने के लिए कहा है।

कार्तिक चाहते हैं कि उनके पेसर्स हैदराबाद टीम के गेंदबाजों से नकल बॉल की कला सीखें। नकल बॉल में महारथ हासिल कर चुके भुवनेश्वर कुमार ने कल के मैच में कोलकाता के खिलाफ 21 रन देकर तीन विकेट झटके थे।

 

मैच के बाद मीडिया के साथ बात करते हुए कार्तिक ने कहा, “हैदराबाद के गेंदबाजों ने नकल बॉल का अच्छा इस्तेमाल किया। ये ऐसी चीज है जिसे हम सीखकर इस्तेमाल में ला सकते हैं।” हालांकि कार्तिक स्पिन गेंदबाजों की तारीफ की है। कोलकाता के स्पिन गेंदबाज सुनील नारायण, कुलदीप यादव और पीयूष चावला ने मिलकर 12 ओवर में 60 रन दिए और चार विकेट(नारायण-2, कुलदीप, चावला-2) लिए थे।

 

139 रन के छोटे लक्ष्य का पीछा करते हुए स्पिन गेंदबाजों ने ही हैदराबाद के बल्लेबाजों को थोड़ा परेशान किया था। कार्तिक ने कहा, “मुझे लगता है कि स्पिनरों ने अच्छी गेंदबाजी की। चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ मैच के बाद जिस तरह से उन्होंने वापसी की, तीनों ने ही अच्छी गेंदबाजी की। इसलिए मैं स्पिनरों के प्रदर्शन से काफी खुश हूं।”

 

हैदराबाद के खिलाफ मैच से कोलकाता के लिए डेब्यू कर रहे टॉप ऑर्डर बल्लेबाज शुभमन गिल को सातवें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए भेजने के कार्तिक के फैसले की भी काफी आलोचना हुई। इस बारे में बात करते हुए कप्तान ने कहा, “एक टीम के तौर पर हम समझते हैं कि वो टॉप ऑर्डर बल्लेबाज हैं लेकिन आपको टीम के क्रम को भी समझना होता है। रॉबिन, नितीश और मेरे होते हुए हमने सोचा कि हम उसे मध्य क्रम में भेजेंगे, जहां उसे पारी की शुरुआत नहीं करनी पड़ेगी। उसे सातवें नंबर पर भेजने का यही कारण था। इस स्टेश पर उसे टॉप ऑर्डर में भेजना सही नहीं होगा। वो इस नंबर पर बल्लेबाजी करके खुश है।”

 

अंडर-19 टीम में गिल के साथी खिलाड़ी शिवम मावी ने भी इस मैच से अपना आईपीएल डेब्यू किया है। मावी के बारे में बात करते हुए कहा, “मैं मावी को देख रहा था लेकिन उस समय पर स्पिनर इतनी अच्छी गेंदबाजी कर रहे थे कि मैं विकेट लेने के विकल्प के तौर पर केवल स्पिनर्स को ही देख रहा था। गेंद बल्ले पर सही आ रही थी लेकिन स्पिनर्स के लिए गेंद रुक रही थी और विकेट की संभावना ज्यादा थी। इसलिए मैं उसका फायदा उठाना चाह रहा था। इस तरह के छोटे मैचों में आपको देखना होता है कि सबसे अच्छा अटैकिंग विकल्प क्या है। आपको लगातार विकेट निकालने होते हैं और मुझे लगा कि स्पिनर्स बेहतर विकल्प हैं।”

 

Facebook Comments