भारत ने कहा हम बदल रहे हैं जिंदगियां, डोनाल्‍ड ट्रंप ने अफगानिस्‍तान में भारत की मौजूदगी पर उड़ाया पीएम मोदी का मजाक

भारत की ओर से अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के उस बयान का जवाब दिया गया है जिसमें उन्‍होंने अफगानिस्‍तान में भारत की ओर से तैयार एक लाइब्रेरी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मजाक उड़ाया था। भारत ने अफगानिस्‍तान में संसद का निर्माण कराया था और ट्रंप ने इसी संसद को लाइब्रेरी बता डाला है। भारत ने अमेरिका और ट्रंप को साफ कर दिया है कि अफगानिस्‍तान में मदद को बंद करने का सवाल ही नहीं उठता है। हालांकि डोनाल्‍ड ट्रंप ने यह भी कहा था कि भारत को अफगानिस्‍तान में एक बड़ा रोल अदा करना होगा।

भारत ने जताई नाराजगी

भारत सरकार की ओर से अमेरिका को जवाब दिया गया है उसमें साफ-साफ कहा गया है कि अफगानिस्‍तान को नई दिल्‍ली की तरफ से जो मदद दी जा रही है, उसकी वजह से कई जिंदगियों में बदलाव आ रहा है। भारत ने ट्रंप की टिप्‍पणी पर गहरा रोष जताया है। ट्रंप ने अफगानिस्‍तान में भारत की ओर से दी जा रही मदद को कहा है, ‘इतना तो अमेरिका पांच घंटे में कर देता है।’ ट्रंप भारत को अफगानिस्‍तान मिलिट्री के भारत को और ज्‍यादा मदद के लिए प्रोत्‍साहित करना चाहते हैं। ट्रंप ने यह बयान उस समय दिया जब वह इस वर्ष की पहली कैबिनेट मीटिंग को संबोधित कर रहे थे। जिस समय वह अफगानिस्‍तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी को लेकर अपने फैसले का बचाव कर रहे थे, उसी समय उन्‍होंने एक बयान दिया और पीएम मोदी का मजाक उड़ाया।

 

सिर्फ यूएन मिशन के तहत भेजता है सेनाएं

सूत्रों की ओर से बताया गया है कि भारत अपनी सेनाओं को सिर्फ यूनाइटेड नेशंस के मिशन के तहत ही दूसरे देशों में तैनात करता है। यह जवान यूएन पीसकी‍पिंग मिशन का हिस्‍सा होते हैं। सूत्रों ने कहा है कि भारत की अफगानिस्‍तान के साथ साझेदारी पांच स्‍तंभों पर आधारित हैं। ये स्‍तंभ हैं-इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर प्रोजेक्‍ट्स, क्षमता निर्माण, मानवाधिकार मदद, आर्थिक विकास और कनेक्टिविटी। सरकार से जुड़े सूत्रों की ओर से कहा गया है, ‘भारत, अफगान नागरिकों की क्षमताओं और उनकी कौशल का निर्माण करना चाहता है। इसके साथ ही सरकारी शासन से जुड़े संगठनों, पब्लिक सर्विस के अलावा यहां पर लोगों की रक्षा करना और जीवनयापन को बढ़ावा देना, उसका मकसद है।’ ट्रंप ने तंस कसा था कि 100 या फिर सिर्फ 200 सैनिकों को भेजने के बाद कुछ देश कहते हैं कि वे यहां की शांति प्रक्रिया में शामिल हैं।

 

क्‍या कहा था डोनाल्‍ड ट्रंप

ट्रंप ने कहा था कि उनकी पीएम मोदी के साथ अच्‍छी केमेस्‍ट्री है और मोदी काफी स्‍मार्ट। मोदी हमेशा उन्‍हें बताते रहते हैं कि उन्‍होंने अफगानिस्‍तान में एक लाइब्रेरी का निर्माण कराया है। ट्रंप ने आगे कहा, ‘यह बात सुनकर लगता है कि जैसे हमने पांच घंटे खर्च कर दिए हों। और फिर हमें यह कहना पड़ता है, ओह, लाइब्रेरी के लिए थैंक्‍यू। मुझे नहीं मालूम कि अफगानिस्‍तान में इसे कौन प्रयोग कर रहा है।’ अभी तक इस बात की जानकारी नहीं मिल सकी है कि आखिर ट्रंप, अफगानिस्‍तान में भारत के कौन से प्रोजेक्‍ट की बात कर रहे थे। लेकिन 11 सितंबर 2001 के बाद जब से अमेरिकी सेनाएं यहां पर तालिबान को हराने में लगी हैं तब से लेकर भारत की ओर से तीन बिलियन डॉलर की मदद अफगानिस्‍तान को दी जा चुकी है।

 

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