क्या कोहली की टेस्ट टीम 20 सालों में सबसे अच्छी है? द्रविड़ ने दिया ये जवाब

टीम इंडिया को चार साल बाद इंग्लैंड दौरे पर करिश्मा कर दिखाने का मौका मिला था, लेकिन वो इसका सही इस्तेमाल करने से चूक गए। ऐसा मानना है कि भारत के सबसे काबिल पूर्व टेस्ट बल्लेबाज राहुल द्रविड़ का। इसके साथ ही द्रविड़ ने मुख्य कोच रवि शास्त्री के इंग्लैंड दौरे पर ‘सर्वश्रेष्ठ टीम’ संबंधी बयान पर भी अपनी राय रखी। उनका कहना था कि यह मायने नहीं रखता कि कौन सर्वश्रेष्ठ है और कौन नहीं क्योंकि अभी ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि टीम ने उससे क्या सीख ली और आगे कैसे बढ़ना है।

‘चार में मिलने वाले मौके को गंवाना निराशाजन’
शुक्रवार को एक प्रमोशनल इवेंट में हिस्सा लेते हुए अंडर 19 कोच और पूर्व कप्तान द्रविड़ ने स्वीकार किया कि भारतीय टीम विशेषकर गेंदबाजी आक्रमण बहुत अच्छा है लेकिन मौकों का फायदा नहीं उठा पाने के कारण उसे हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा, ”हमें तीन या चार साल में एक बार इंग्लैंड दौरा करने का मौका मिलता है और खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ को भी निराशा होती है क्योंकि कोई नहीं जानता कि अगले चार वर्षों में क्या होगा। इस बार वास्तव में हमारी टीम अच्छी थी। हमारा गेंदबाजी आक्रमण बेजोड़ था।”

‘गेंदबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया’
द्रविड़ ने कहा, ”मुझे लगता है कि टीम को भी अहसास होगा कि उसके पास मौके थे। निश्चित तौर पर इस सीरीज के कुछ सकारात्मक पहलू भी रहे। हमारी गेंदबाजी और हमारा क्षेत्ररक्षण अच्छा रहा, खासकर हमारी कैचिंग बहुत अच्छी थी। लेकिन जैसे मैंने पहले कहा कि हमारे पास मौके थे लेकिन इस बार हम उनका फायदा नहीं उठा पाये। हमें चार साल में इंग्लैंड दौरे का मौका मिलता है तो इस लिहाज से यह निराशाजनक है।”

‘शास्त्री की बात को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया’
बता दें कि भारतीय टीम को हाल के इंग्लैंड दौरे में पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में 1—4 से करारी हार का सामना करना पड़ा था। लेकिन कोच रवि शास्त्री ने इस बीच यह कहकर नयी बहस छेड़ दी थी कि विराट कोहली की अगुवाई वाली टीम पिछले 15—20 वर्षों में सर्वश्रेष्ठ टीम है। भारत ने इंग्लैंड में आखिरी टेस्ट श्रृंखला 2007 में जीती थी और तब द्रविड़ कप्तान थे और उनका मानना है कि शास्त्री के बयान को बढ़ा चढ़ाकर पेश कर दिया गया। द्रविड़ ने कहा, ”मुझे लगता है कि इस पूरी बात को बढ़ा चढ़ाकर पेश कर दिया गया और शास्त्री क्या सोचते हैं और क्या नहीं इस पर टिप्पणी करने में मेरी दिलचस्पी नहीं है। महत्वपूर्ण यह है कि हमने इन सब चीजों से क्या सीख ली है और अगली बार दौरा करने के लिये हमें क्या करना चाहिए।”

‘यह सभी बल्लेबाजों के लिए बहुत मुश्किल सीरीज थी’
भारत के 2011 दौरे में द्रविड़ अकेले बल्लेबाज थे जिन्होंने इंग्लैंड में अच्छा प्रदर्शन किया जबकि इस बार कोहली को छोड़कर बाकी सभी बल्लेबाज जूझते रहे। द्रविड़ ने कहा, ”ईमानदारी से कहूं तो इंग्लैंड में परिस्थितियां बल्लेबाजों के लिये आसान नहीं होती हैं। दोनों टीमों के बल्लेबाजों को ही संघर्ष करना पड़ा। अगर विराट कोहली को छोड़ दिया जाए तो यह दोनों टीमों के बल्लेबाजों के लिये आसान सीरीज नहीं रही। मैं इंग्लैंड में खेला हूं और वहां परिस्थितियां कड़ी होती हैं लेकिन जरूरत इसकी है कि हमें ऐसा क्या करना चाहिए जिससे हम इस तरह की परिस्थितियों में जितना संभव हो सके बेहतर खेल सकें।”

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