बड़ी खबर: एक बार फिर कापी धरती , थर्राया उत्तर भारत…..

उत्तर भारत के राज्यों में कुछ सेकण्ड के लिए निम्न तीव्रता वाले झटके महसूस किये गए .इन झटको के पहले ही इन सभी राज्यों में बारिश और तूफान को लेकर अलर्ट जारी था जो अगले 12 घंटे और भी लागु रहेगा. दिल्ली एनसीआर से जुड़े इलाको में भी भूकंप के झटके महसूस किये गए जिनकी तीव्रता रिएक्टर पैमाने पर 6 दर्ज की गई. अचानक कुछ सेकण्ड तक इस तरह से भूकप आने पर लोग घरो और दफ्तरों से बाहर निकल भागे और सुरक्षित और खुली जगह पर खड़े हो गए .

भूकंप और रिक्टर स्केल का गणित –
भूकंप कितना तीव्र है इसका अंदाज़ा रिक्टर स्केल से लगाया जाता है. यानि 6 से कम रिक्टर स्केल के भूकंप को तेज़ नहीं कहा जा सकता है क्योंकि उसमें हल्का कंपन महसूस होता है, वहीं 7 से 9 के बीच रिक्टर स्केल पर कई बार इमारतों के गिरने से लेकर समुद्री तूफान के आने तक का खतरा हो सकता है. वहीं जब भूकंप 9 से ऊपर के रिक्टर स्केल पर आता है तो अपने साथ भारी तबाही लेकर आता है.

बता दें कि रिक्टर स्केल पर तीव्रता में हर एक अंक कम होने का मतलब है कि बड़े भूकंप से 30 प्रतिशत कम उर्जा का मुक्त होना लेकिन जब इमारतें पहले से ही जर्जर होती हैं तो एक छोटे से छोटा झटका भी किसी ढांचे को ढहाने के लिए काफी होता है.

Facebook Comments