जी हां…अगर महिला कर रही है प्रताड़ित तो पुरुष को भी एक बड़ा अधिकार देता है भारत का कानून

दिल्ली के रणहौला इलाके में एक महिला ने अपने पति की जीभ काटकर अलग कर दी। युवक अस्पताल में है। पुलिस के मुताबिक, महिला पर आईपीसी की धारा 326 के तहत केस दर्ज हुआ है। इसमें उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है।

जानकारी के मुताबिक, पीड़ित का सफदरजंग हॉस्पिटल में ऑपरेशन किया गया है। हालांकि, डॉक्टरों का कहना है कि यह बता पाना मुश्किल है कि वह दोबारा बोल पाएगा या नहीं। वकीलों का कहना है कि ऐसे मामले में पति, पत्नी से तलाक भी ले सकता है क्योंकि यह क्रूरता में आता है। हिंदू विवाह अधिनियम के सेक्शन 13बी में तलाक के आधार बताए गए हैं। यह पति और पत्नी दोनों पर ही लागू होते हैं। यदि कोई पत्नी, पति को प्रताड़ित करती है तो पति को भी तलाक का आधार होता है। इसके अलावा इस मामले में आईपीसी की धाराओं के तहत भी केस दर्ज होता है। जानिए मारपीट से जुड़ी 5 धाराओं के बारे में।

यदि कोई किसी को खतरनाक हथियार से वार करके चोट पहुंचाता है तो वहां आईपीसी की धारा 324 लगती है। इसमें दांतों से काटना, किसी धारदार हथियार से हमला करना, किसी जीव-जंतु से कटवाना आदि शामिल हैं। इसमें 3 साल तक की सजा का प्रावधान है। इसी तरह यदि कोई किसी पर खतरनाक हथियार से हमला कर दे और उसे गंभीर चोट आ जाए तो यहां आईपीसी की धारा 325 लगती है। इसमें 7 साल तक की सजा का प्रावधान है।

किसी खतरनाक हथियार से हमला करना या हमले में विस्फोट के इस्तेमाल करने पर आईपीसी की धारा 326 लागू होती है। इसमें मिनिमम 10 साल और अधिकतम उम्रकैद तक की सजा हो सकती है। वहीं किसी के साथ धक्का-मुक्की करना, चांटा मारने पर धारा 323 लागू होती है। इसमें पुलिस सीधे केस दर्ज नहीं कर सकती। इसमें कोर्ट के आदेश के बाद ही केस दर्ज होता है। वहीं किसी के हत्या का प्रयास करने पर आईपीसी की धारा 307 लगती है। इसमें उम्रकैद तक सजा का प्रावधान है।

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