जी हां! मिलावटी लाल मिर्च पाउडर के इस्तेमाल पर एक साल की जेल

होटल में खाना बनाने के लिए मिलावटी लाल मिर्च पाउडर रखने पर एक होटल मालिक को सुप्रीम कोर्ट ने एक साल के लिए जेल भेज दिया है। न्यायाधीश रंजन गोगोई की पीठ ने यह आदेश देकर आरोपी को मुक्त करने के पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले को निरस्त कर दिया।हाईकोर्ट ने यह कहकर आरोपी को बरी कर दिया था कि लाल मिर्च पाउडर सार्वजनिक बिक्री के लिए नहीं रखा गया था। यह होटल में खाना बनाने के लिए रखा गया था। यह तभी अपराध होता जब यह सार्वजनिक रूप से बिक्री के लिए रखा गया होता।

वहीं जस्टिस गोगोई की पीठ ने कहा होटल में सब्जी / खाना पकाने के लिए खाद्य पदार्थों की बिक्री फूड इंस्पेक्टर के लिए बिक्री के समान है। खाद्य मिलावट निषेध एक्ट की धारा 2(13) में इसे बिक्री ही माना जाएगा। यह कहते हुए कोर्ट ने अभियुक्त से कहा कि वह तुरंत सरेंडर करे और बची हुई सजा भुगते। ट्रायल कोर्ट ने उसे एक वर्ष की कठोर सजा सुनाई थी।

मामले के अनुसार, होटल में फूड इंस्पेक्टर ने छापा मारा था और उसने वहां से लाल मिर्च पाउडर के सेंपल उठाए। सेंपल में मिर्च में मिलावट पाई गई और धारा 7 के तहत केस दर्ज किया गया। ट्रायल कोर्ट ने मामले में होटल मालिक को एक साल की सजा और 2000 रुपये का जुर्माना ठोका।

आरोपी ने इस फैसेल के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की। हाईकोर्ट ने कहा कि पकड़ी गई मिर्च होटल में बिक्री के लिए नहीं थी। यह खाना बनाने के लिए इस्तेमाल करने के लिए थी। जाहिर है उसने यह कहीं ओर से खरीदी होगी। ऐसे में होटल मालिक इसके लिए दोषी नहीं है। हाईकोर्ट के इस फैसले को हरियाणा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।

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