हत्या करने में आरोपी पिता ने वहशीपन की सारी हदें की पार

देश की राजधानी में इज्जत के नाम पर एक शख्स ने अपनी 13 वर्षीय बेटी की गला रेतकर हत्या कर दी। उसका कसूर सिर्फ इतना था कि उसने इलाके के ही एक लड़के से दोस्ती कर ली थी। पिता ने इसके लिए उसे कई बार मना भी किया था लेकिन बेटी नही मानी तो पिता ने उसकी हत्या कर दी। हॉरर किलिंग का यह मामला यमुनापार के करावल नगर इलाके कहा है। पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है।

आरोपी की पहचान 41 वर्षीय सुदेश चौहान के रूप में हुई है। शुक्रवार शाम पुलिस ने किशोरी का शव लोनी स्थित मंडोला गांव से बरामद कर लिया। आरोपी ने वारदात में इस्तेमाल किए गए चाकू और खून से सने अपने कपड़े लोनी के एक नाले में डाल दिए था। आरोपी से पूछताछ कर पुलिस उन्हें बरामद करने का प्रयास कर रही है। पुलिस के मुताबिक सुदेश चौहान परिवार के साथ करावल नगर इलाके में स्थित शिव विहार फेस-4 में रहता है। उसके परिवार में मां निर्मला, पिता रामपाल, पत्नी अनुपमा, एक बेटा कुलदीप व 13 वर्षीय बेटी वंशिका थी। वंशिका इलाके के एक पब्लिक स्कूल में सातवीं कक्षा की छात्रा था। वहीं सुदेश के परिवार का एक मदर डेयरी बूथ, चक्की और परचून की दुकान है। परिवार के लोग अलग-अलग जगह बैठते हैं।

गत 7 मार्च की शाम वंशिका घर से मोमोज लेने के लिए निकली उसके बाद वह वापस नहीं लौटी। इसके बाद आरोपी पिता ने सुदेश ने बेटी के अपहरण का मामला करावल नगर थाने में दर्ज कराया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच आरंभ की तभी शुक्रवार को वंशिका का शव लोनी के ट्रॉनिका सिटी के पास मंडोला के जंगलों से बरामद होने की सूचना मिली। सुदेश परिवार के बाकी सदस्यों के साथ वहां पहुंचा। शव को कब्जे में लेकर गाजियाबाद की मोर्चरी भेज दिया गया। पुलिस ने मंडोला से लेकर वंशिका के घर के आसपास की सीसीटीवी फुटेज की जांच की तो वह एक बाइक पर जाती हुई दिखाई दी। बाइक सवार का हूलिया सुदेश से मिलता-जुलता दिखाई दिया तो पुलिस ने शक के आधार पर उसी से सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने बेटी की हत्या की करने की बात स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि इलाके एक युवक से दोस्ती करने के कारण वह बेटी से नाराज था। उसने बताया कि कई बार मना करने के बाद भी वह नहीं मानी तो उसने उसे काफी डांट लगाई और मिलने से मना किया।

मना करने के बाद भी बार-बार लड़के के साथ देख आया गुस्सा
आरोपी ने बताया कि आखिरी बार उसने बेटी व लड़के को 6 मार्च को साथ देखा था। इस पर वह काफी गुस्सा हुआ था। लेकिन अगले दिन भी 7 मार्च को जब बेटी वंशिका मोमोज लेने के बहाने निकली और मार्केट में उसी लड़के से मिली तो सुदेश ने उसकी हत्या कर दी।

चाकू लेकर बाइक पर बेटी को बैठाकर ले गया ट्रॉनिका सिटी
आरोपी ने खुलासा किया कि जब उसने बेटी को रंगे हाथों पकड़ लिया तो उसने एक चाकू का इंतजाम कर बेटी को मारने की योजना बनाई और उसे बाइक पर बैठाकर ट्रॉनिका सिटी स्थित मंडोला के जंगलों में गया, वहां उसने बेटी की गला रेतने के अलावा उसके चेहरे पर चाकू के कई वारकर उसकी हत्या कर दी। रास्ते में उसने चाकू व खून से सने कपड़े लोनी के नाले डाले और बाद में वापस दिल्ली आ गया। यहां आकर वह बेटी के गायब होने का नाटक किया और अपहरण करने का मामला दर्ज कराया।

अपनी बेटी की बेरहमी से कत्ल करने वाले आरोपी ने वहशीपन्न की सारी हदें पार कर दी। उसने मासूम बच्ची के गर्दन व शरीर के अन्य अंगों के अलावा चेहरे पर भी कई वार दिए। हमले में बेटी की आंख में भी उसने चाकू घोंप दिया। उधर वंशिका की मां अनुपमा अपने पति द्वारा बेटी की हत्या की बात मानने को तैयार नहीं है। उसका कहना है कि सुदेश अपनी बेटी से बहुत प्यार करता है।

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