100 एकड़ की जमीन पर सालों बाद बनकर तैयार हुआ…15 हजार किलो शुद्ध सोने से बना है यह मंदिर

 संसार में ऐसे कई मंदिर हैं, जो सोने से बना है, लेकिन जितना सोना इस मंदिर को बनाने में लगाया गया है इतना सोना आजतक किसी मंदिर को बनाने में नहीं लगाया गया था। 100 एकड़ जमीन पर करीबन 15 हजार किलो शुद्ध सोना इस मंदिर को बनाने में लगाया गया है। सोने से बने इस मंदिर को बनाने में सात साल का समय लगा है। विश्व में जितने भी मंदिर है, किसी मंदिर को बनाने में इतना वक्त नहीं लगा जितना इस मंदिर को बनाने में लगा है। आपको जानकर हैरानी होगी कि इस मंदिर को बनाने में 300 करोड़ रुपए का खर्च आया है।

देश में वैसे तो मंदिरों की कोई कमी नहीं है। करोड़ों में बनी भव्य मंदिरों को देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। ये मंदिर चेन्नई से लगभग 145 किलोमीटर की दूरी पर बसे श्री लक्ष्मी नारायणी मंदिर की बात ही कुछ और है। वैल्लोर सात किलोमीटर दूर थिरूमलाई कोडी में इस मंदिर को बनाया गया है। दक्षिण भारत के इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे शुद्ध सोने से तैयार किया गया है।

जगमगाते हुए इस मंदिर में लोग दक्षिण दिशा से प्रवेश करते हैं और क्लाक वाईज घूमते हुए पूर्व दिशा की ओर जाते हैं। अंदर भगवान श्री लक्ष्मी नारायण के दर्शन के बाद फिर पूर्व में आकर दक्षिण से ही बाहर की ओर प्रस्थान करते हैं।मंदिर परिसर में उत्तर दिशा की ओर में एक छोटा सा सरोवर भी है।

मंदिर परिसर में 27 फीट ऊंची एक दीपमाला भी है। इसे शाम के समय जला दिया जाता है। यहां का नजारा बेहद ही अद्भूत होता है। दिन ढ़लते ही जब मंदिर में लाइट जलती है तो सोने की चमक और भी बढ़ जाती है। सात साल की कड़ी मेहनत और लगन के बाद 24 अगस्त 2007 को यह मंदिर दर्शन के लिए खोला दिया गया था।

Facebook Comments