Uttar Pradesh : राज्य की कई नदियां उफान पर, बाढ़ ने मचाया कहर

उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में बाढ़ का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को भी नदियों में आए उफान के चलते कई गांवों-बस्तियों में बाढ़ का पानी घुस गया है। गंगा के नजदीक बसे गांवों ब्रह्मपुरी रावली, बाखरपुर गढ़ी व मुजफ्फरपुर केशो में पानी घुसने से हजारों लोग बेहाल हो गए। वहीं, भूतपुरी में बनैली नदी का तटबंध करीब 50 मीटर टूटने से खेतों और जंगलों में पानी भरने से फसलें नष्ट हो गईं। भूतपुरी में बारिश के चलते कमजोर हुई दीवार गिरने से एक सात वर्षीय बच्ची रिया की मौत भी हो गयी। बाढ़ प्रभावित गांवों में प्रशासन की टीमों ने काम करना शुरू कर दिया है। उधर, नाव हादसे में लापता आठ महिलाओं में एक का शव बरामद हो गया है।

संभल के हयातनगर थाना इलाके में आकाशीय बिजली गिरने से गिरे मकान के मलबे में दबकर दो बच्चों समेत सात लोग घायल हो गये। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत कर मलबा हटाने के बाद नीचे दबे सभी लोगों को बाहर निकाला लेकिन एक बच्चा नहीं मिल पाया। परिजन घायलों को आनन-फानन में उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे।

कोसी नदी में डूबा इंटर का छात्र, मौत
थाना क्षेत्र के गांव सिहोरा बाजे में पशुओं के लिए चारा काटने गया कक्षा 12 का छात्र कोसी नदी में पैर फिसलने से डूब गया। आसपास के लोगों ने करीब दो घंटे बाद शव को बाहर निकाला। सभी में पुलिस और प्रशासन के खिलाफ आक्रोश था। जानकारी के बाद भी प्रशासन द्वारा बाढ़ से निपटने के कोई प्रयास नहीं किए गए हैं।

मामला थाना क्षेत्र के गांव सिहोरा बाजे का है। यहां शाहिद हुसैन का परिवार रहता है। परिवार में पत्नी मिस्कीन, बङा बेटा निजाम, छोटा बेटा सुलेमान, बेटी शाहिन बी, शमा परवीन है। बङा बेटा निजाम उम्र लगभग 15 वर्ष सुबह पशुओं के लिए चारा काटने कोसी नदी के पास गया था। बताते हैं कि लौटते समय अचानक उसका पैर फिसल गया। इससे वह कोसी नदी में गिर गया। पानी का तेज बहाव होने के कारण  वह गया। कुछ लोग और वहां खेतों में काम कर रहे थे। उनकी नजर उस पर पड़ी। गोताखोरों ने नदी में छलांग लगाकर निजाम को बचाने की कोशिश की पर सफलता नहीं मिली। देखते ही देखते वह कोसी नदी में समा गया। जानकारी पाकर बड़ी संख्या में लोग कोसी नदी किनारे पहुंचे। करीब दो घंटे की कवायद के बाद निजाम का शव कोसी से बाहर निकालने में सफलता मिली। शव देखकर परिवार में कोहराम मच गया। बड़े बेटे का शव देखकर मां बेहोश हो गई।

शारदा नदी उफनाई, फूलबेहड़ के 30 गांव जलमग्न
फूलबेहड़ क्षेत्र में एक बार फिर शारदा नदी ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। रविवार से पानी बढ़ना शुरू हुआ तो सोमवार तक बढ़ता ही रहा। पानी बढ़ने से करीब 30 गांव जलमग्न हो गए हैं। घरों में पानी भरने से लोगों को काफी दिक्कतें हो रही हैं। तमाम रास्तों पर पानी भर गया है।
फूलबेहड़ क्षेत्र की शारदा नदी में कटान का कहर चल ही रहा था कि रविवार नदी में तेजी से पानी बढ़ने लगा। इससे लखीमपुर तहसील के गांव बेड़हा, बेचन पुर्वा, अहिराना, बाबा पुर्वा, खगई पुरवा, खांभी, गोपालीपुर्वा, भुलभुलिया, करदहिया मानपुर, मेंहदी, बहाली पुर्वा, बड़ागांव, ग्रन्ट नम्बर 12 समेत करीब तीस गांव बाढ़ से प्रभावित हो गए। गांवों को जाने वाले सारे रास्तों पर पानी चलने लगा है। मीलपुर्वा, श्रीनगर के पास रपटा पुलों पर पानी चल रहा है। वहीं मेहंदी बड़ागांव जाने वाले मार्ग पर भी पानी आ गया है।

अगस्त में बारिश का बीते वर्ष का रिकॉर्ड टूटा
अगस्त में बारिश का बीते वर्ष का रिकॉर्ड सोमवार को टूट गया।  27 अगस्त 2018 तक 519.4 मिमी बारिश हो चुकी है। अगस्त 2018 में 518 मिमी बारिश हुई थी। 31 अगस्त तक सक्रिय मानसून की हल्की बारिश से रिकॉर्ड और बेहतर होगा।

24 घंटे में बारिश का नया रिकॉर्ड: अगस्त में 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश का बीते वर्ष का रिकॉर्ड भी टूट चुका है। इस वर्ष छह अगस्त को 235.8 मिमी बारिश का नया कीर्तिमान बना। पांच अगस्त 2017 को 104 मिमी बारिश हुई थी। हालांकि अगस्त में 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश का ऑलटाइम रिकॉर्ड कायम है। 270 मिमी की रिकॉर्ड बारिश 18 अगस्त 2016 को हुई थी।

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