धूलभरी आंधी ने बढ़ाई अन्नदाता की धड़कन,गेंहू की कटाई शुरू….

शुक्रवार को अचानक पौने पांच बजे आई तेज आंधी के झोंकों ने किसानों को बुरी तरह डरा दिया है। गनीमत यही रही कि सिर्फ आंधी ही आई। पानी नहीं बरसा अन्यथा भारी नुकसान हो जाता। सबसे ज्यादा वह किसान परेशान हुए जिनकी फसल पक चुकी है। सप्ताह भीतर काटने लायक हो जाएगी। आंधी के चलते गेहूं की बालियां काफी झड़ गईं हैं। कृषि विशेषज्ञों ने इस आंधी को सामान्य बताया है। कहा है कि आंधी के साथ बारिश होने पर बड़े नुकसान हो सकता है। शाम को आई इस तेज आंधी ने गांव से लेकर शहर तक लोगों के दिल की धड़कन बढ़ा दी। लोग धूल से नहा उठे। 10 से 15 मिनट तक ही आंधी का असर रहा जिससे बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई। विशेषज्ञ बता रहे हैं कि इस आंधी से फसलों को कोई क्षति नहीं पहुंची है, अगर बारिश होती तो ज्यादा नुकसान होता।

गनीमत रहा कि आंधी के बाद बारिश नहीं हुई। भानपुर कार्यालय के अनुसार मौसम के बदले मिजाज से किसान परेशान हो गए हैं। हल्की बूंदा-बांदी भी हुई। आंधी तेज होने से सड़कें सूनी हो गई। खेत में इन दिनों सरसों की कटाई चल रही है। किसान राम बुझारत मौर्य कहते हैं कि अगर बारिश हुई तो सरसों की कटाई प्रभावित होने के साथ ही गेहूं की कटाई पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। किसान राम तौल यादव कहते हैं कि फसल पक चुकी है, बारिश होने पर दाने काले पड़े जाते हैं। खाने में वह स्वाद नहीं मिलता, बाजार में इसके खरीदार भी नहीं मिलते। किसान जगराम व रवींद्र चौधरी कहते हैं कि आंधी से उतना नुकसान तो नहीं हुआ, बारिश होती है तो फसल पर असर पड़ेगा।

रुधौली: अचानक तेज आंधी से कई लोगों के छप्पर उड़ गए। पैड़ा चौराहे पर स्थित पप्पू चाय की दुकान का छप्पर नीचे गिर गया तो बांस की फट्ठी के सहारे लगी पन्नी फटकर उड़ने लगी। सरैया पड़ाव में एक बाइक सवार आंधी की चपेट में आ गए, किसी तरह बचा। जमदाशाही में लगी बाजार में भगदड़ मच गई। खेतों में सरसो काट रहे किसान भी घरों की ओर निकल पड़े।

बस्ती : शाम पौने पांच बजे एका-एक आई तेज आंधी ने सबसे पहले बिजली गुल की। शहर में तो दो घंटे बाद कहीं-कहीं बिजली आई, तो हर 10 मिनट में कट जा रही थी, इससे लोगों को परेशान होना पड़ा। यही हाल गांवों के बिजली की रही, जो आ जा रही थी। शहर के कई वार्ड की बिजली कटी रही। इधर बिजली कर्मचारियों ने कहा है कि छुट्टी में बिजली का कोई फाल्ट ठीक नहीं करेंगे, इससे परेशानी और बढ़ गई है।

जिले में गेहूं की फसल पर्याप्त मात्रा में है। फसल पक रहे, कुछ पक चुके हैं। इस आंधी से बहुत नुकसान तो नहीं हुआ लेकिन, बारिश के साथ आंधी आती तो फसल को काफी नुकसान होता। इसमें बचाव की कोई गुंजाइश नहीं है। प्रकृति की इस मार से बचने का कोई उपाय नहीं है। फसल इस वर्ष काफी अच्छी है, उत्पादन भी बढ़ने के आसार हैं, बारिश हुई तो उत्पादन में गिरावट आएगी।

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