टैक्स चोरी रोकने के लिए आज से लागू होगा इंटर स्टेट ई-वे बिल

देश में इलेक्ट्रानिक वे बिल( ई- वे बिल) प्रणाली को एक अप्रैल यानी आज से अमल में लाया जा रहा है। इस प्रणाली के तहत ई- वे बिल को कारोबारी अथवा किसी ट्रासंपोर्टर को 50,000 रुपये से अधिक मूल्य का माल एक राज्य से दूसरे राज्य में ले जाते हुये जीएसटी निरीक्षक के समक्ष पेश करना होगा। वित्त मंत्रालय ने स्पष्टीकरण जारी करते हुये कहा है कि ई- वे बिल की वैधता अवधि को उस दिन से गिना जायेगा जब जीएसटी फार्म ई-वे बिल-01 के भाग- बी में ट्रांसपोर्टर पहली बार ब्यौरा भरेगा।

कारोबारी ई-वे बिल अंग्रेजी, हिन्दी के साथ-साथ भारतीय भाषाओं में बिल को जनरेट कर सकते है। कारोबारी को भाषा संबंधी किसी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। जीएसटी परिषद द्वारा मंजूर किये गये नियमों के मुताबिक 100 किलोमीटर से कम दूरी तय करने पर ई- वे बिल संगत तिथि से एक दिन के लिये वैध होगा। इसके बाद प्रत्येक 100 किलोमीटर के लिये संगत तिथि से वैधता एक अतिरिक्त दिन के लिये होगी।

वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘यह स्पष्ट किया जाता है कि केवल एक ई-वे बिल की जरूरत होगी। अगर माल ढुलाई में एक से अधिक कंपनियां शामिल होगी तो ऐसे मामलों में ट्रांसपोर्टर ‘ए’ ई-वे बिल को ट्रांसपोर्टर ‘बी’ को प्रदान करेगा, जो अपने वाहन की जानकारी भरकर माल की ढुलाई करेंगे।’

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