बदलने वाला है लाइसेंस से जुड़ा नियम,अब देना होगा ये टेस्ट…..

दरअसल, लोगों की लापरवाही के कारण हर दिन लाखों लीटर तेल की बर्बादी हो जाती है। इसी को लेकर पेट्रोलियम कंजर्वेशन रिसर्च एसोसिएशन ने एक जुलाई से लाइसेंस लेने से पहले तेल बचाने की ट्रेनिंग लेना अनिवार्य कर दिया है।

पेट्रोलियम कंजर्वेशन रिसर्च एसोसिएशन के प्रस्ताव के बाद सरकार ने इसे मंजूरी देते हुए मोटर व्हीकर एक्ट में बदलाव कर दिया है। आपको बता दें कि नए नियमों के मुताबिक 5 किमी की स्पेशल ट्रेनिंग लेनी होगी। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद आपको एक सर्टिफिकेट मिलेगा और उसी के बाद आपका लाइसेंस आपके हाथों में आएगा।

ये नियम खासतौर पर उन ड्राइवरों के लिए है जो भारी और मध्यम कमर्शियल वाहन चलाते हैं। पेट्रोलियम कंजर्वेशन रिसर्च एसोसिएशन ने इसकी सिफारिश की थी, जिसे रोड ट्रांसपोर्ट मंत्रालय ने मान लिया है। नए नियमों के मुताबिक तेल की बचत सिखाने के लिए ड्राइवरों का 5 किलोमीटर का टेस्ट होगा। इसके लिए स्पीड ब्रेकर वाला ट्रैक बनाया जाएगा। इसके अलावा गाड़ी में तेल खपत की क्षमता मापने वाली मशीनें लगाई जाएंगी। ड्राइवरों को एक दिन की पढ़ाई भी कराई जाएगी।

 

इसमें तेल की बचत करने के तरीके सिखाए जाएंगे और सभी टेस्ट को सफलतापूवर्क पास करने वाले ड्राइवरों को सर्टिफिकेट दिया जाएगा। इसी सर्टिफिकेट के आधार पर ड्राइविंग लाइसेंस बनेगा। आपको यहां ये भी बता दें कि ये नियम उन लोगों पर भी लागू होगा, जिनका लाइसेंस रिन्यू होना है। पेट्रोल, डीजल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं।  बेवजह और गलत तरीके से गाड़ी चलाने से तेल की बर्बादी को ट्रेनिंग के जरिए रोका जा सकता है।

Facebook Comments