FUTURE GROUP 2019 तक WORLD की टॉप 10 कंपनियों में शुमार होगा। कंपनी के चेयरमैन किशोर बियानी का कहना है कि उनकी कंपनी 35 करोड़ अपैरल की सेल्स के साथ टॉप 10 में शुमार हो जाएगी। बता दें कि फ्यूचर ग्रुप बिग बाजार, ब्रांड फैक्टरी और सेंट्रल जैसे कई रिटेल स्टोर चलाता है। हाल ही में कंपनी ने नागपुर में 30 करोड़ से अधिक परिधान की क्षमता वाला एक वेयरहाउस भी बनाया है। दरअसल कंपनी फैशन मामले में अपने कस्टमर्स के बीच खासी लोकप्रिय है। किशोर बियानी निठारी कांड के नौवें केस में पंढेर और कोली दोषी करार, आज हो सकती है फांसी की सजा कंपनी चेयरमैन का कहना है कि अगले वित्त वर्ष तक कंपनी की फैशन इकाइयों का कुल राजस्व 3 से 3.5 अरब डॉलर यानि की भारत के हिसाब से करीब 20,000 करोड़ रुपये हो जाएगा। बियानी का कहना है कि वित्त वर्ष 2019 तक वे करीब 35 करोड़ परिधानों का विनिर्माण करके दुनिया की शीर्ष दस फैशन कंपनियों में शामिल हो जाएंगे। सेंट्रल ब्रांड अब सिर्फ भगवान और मोदी का आसरा : गुजरात भाजपा का वाटरलू साबित होगा साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि उनकी कंपनी सिर्फ भारत में सेल्स करती हैं, जबकि बाकी कंपनियां दुनिया के दूसरे देशों में भी अपना कारोबार करती हैं। जॉन मिलर बता दें फ्यूचर फैशन सेगमेंट जॉन मिलर, डीजेऐंडसी, कॉनवर्स, क्लार्क्स, अर्बन योगा, बेयर, इंडिगो नेशन समेत और भी कई ब्रांडों की बिक्री करती है। साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि दुनिया की सबसे बड़ी फैशन कंपनी की सालाना क्षमता 120 करोड़ कपड़ों की है और जबकि वहीं अकेले फ्यूचर समूह की क्षमता 35 करोड़ की होगी। उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी फैशन कैटेगरी से 3-3.5 अरब डॉलर का राजस्व कमाएगी।

FUTURE GROUP 2019 तक WORLD की टॉप 10 कंपनियों में शुमार होगा। कंपनी के चेयरमैन किशोर बियानी का कहना है कि उनकी कंपनी 35 करोड़ अपैरल की सेल्स के साथ टॉप 10 में शुमार हो जाएगी।

बता दें कि फ्यूचर ग्रुप बिग बाजार, ब्रांड फैक्टरी और सेंट्रल जैसे कई रिटेल स्टोर चलाता है। हाल ही में कंपनी ने नागपुर में 30 करोड़ से अधिक परिधान की क्षमता वाला एक वेयरहाउस भी बनाया है। दरअसल कंपनी फैशन मामले में अपने कस्टमर्स के बीच खासी लोकप्रिय है।

 

 कंपनी चेयरमैन का कहना है कि अगले वित्त वर्ष तक कंपनी की फैशन इकाइयों का कुल राजस्व 3 से 3.5 अरब डॉलर यानि की भारत के हिसाब से करीब 20,000 करोड़ रुपये हो जाएगा। बियानी का कहना है कि वित्त वर्ष 2019 तक वे करीब 35 करोड़ परिधानों का विनिर्माण करके दुनिया की शीर्ष दस फैशन कंपनियों में शामिल हो जाएंगे

 

 

साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि उनकी कंपनी सिर्फ भारत में सेल्स करती हैं, जबकि बाकी कंपनियां दुनिया के दूसरे देशों में भी अपना कारोबार करती  हैं।

 

बता दें फ्यूचर फैशन सेगमेंट जॉन मिलर, डीजेऐंडसी, कॉनवर्स, क्लार्क्स, अर्बन योगा, बेयर, इंडिगो नेशन समेत और भी कई ब्रांडों की बिक्री करती है। साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि दुनिया की सबसे बड़ी फैशन कंपनी की सालाना क्षमता 120 करोड़ कपड़ों की है और जबकि वहीं अकेले फ्यूचर समूह की क्षमता 35 करोड़ की होगी। उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी फैशन कैटेगरी से 3-3.5 अरब डॉलर का राजस्व कमाएगी।

 

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