जानिए किस तरह पुण्य मिलेगा गंगा दशहरा का….

जी हां, आपको सुनने में थोड़ा अटपटा तो जरूर लग रहा होगा लेकिन जो आपने सुना वो सच है। ज्योतिषाचार्यों की मानें तो गंगा नदी के तट पर या गंगा नदी में गंदगी करने से देवी गंगा नाराज होती हैं। खासतौर पर कल यानी गंगा दशहरा पर वहां गंदगी भूल कर भी न करें वर्ना आपका स्नान और पूजन निष्फल हो जाएगा।

इस पर्व पर गंगा नदी या किसी अन्य नदी के तट पर किनारे रहकर ही डुबकी लगाएं। डुबकी लगाते समय ॐ मां गंगे नम: मंत्र का उच्चारण करें। गंगा तट पर भी इस मंत्र का उच्चारण करें इसके अलावा ॐ नमो भगवते वासु देवाय और ॐ नम: शिवाय मंत्र का भी जाप करें। इस दिन गंगा या किसी अन्य नदी के तट पर एक बार बोले गए मंत्र का महत्व एक लाख मंत्र के जाप के बराबर होता है। यानी एक बार बोलने में एक लाख मंत्र का पुण्य प्राप्त होता है।

इस दिन सुराई, मटका, खरबूज, तरबूज और शरबत आदि लोगों को दान करें। घर में गुड़, घी, सत्तू  और चने आदि खाना शुभ माना जाता है।

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