3 दरिंदों को उम्रकैद की सजा ,दुष्कर्म कर हत्या करने पर …..

 सरगुजा जिले के अम्बिका पुर में एक युवती को अकेला देख कर 3 बदमाशों ने उसे पकड़ लिया, जिसके बाद दरिंदे युवती का मुँह दबाकर उसे खेत में ले गए. जहाँ तीनों ने बारी-बारी युवती के साथ दुष्कर्म किया, इतने से भी जब उन हैवानों का मन नहीं भरा तो उन्होंने युवती के गुप्तांग में लकड़ी डालकर उसकी हत्या कर दी थी.

यह घटना 14 दिसंबर 2015 को सरगुजा जिले के लखनपुर ब्लॉक स्थित ग्राम बांसाझाल में हुई थी. इसके दूसरे दिन पुलिस को लखनपुर के बासांझाल नाला के समीप भोला राम के खेत में एक युवती का नग्न अवस्था में शव मिला था, पुलिस ने मामले को प्रथम दृष्टया हत्या का मानते हुए विवेचना शुरू कर दी थी.

कुछ दिनों की जांच के बाद तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, जिसके बाद से इस मामले पर अदालत में सुनवाई चल रही थी. मामले की सुनवाई करते हुए मंगलवार को विशेष न्यायाधीश (अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचरण निवारण अधिनियम) आलोक कुमार ने तीनों को मृत्युपर्यंत कारावास की सजा सुनाई है.

इस वारदात को अंजाम देने वाले तीन युवकों को मनुष्य कहने का भी मन नहीं करता, शायद आज तक हमने राक्षसों, दानवों की भी जितनी कहानियां पढ़ी होंगी, सुनी होंगी, उनमे भी इतना घिनौनापन, इतनी विभत्स्ता महसूस नहीं की होगी, जो इन तीन दरिंदों की हैयनीयत भरी करतूत को देख कर हो रही है. हवस की आग किसी को इतना घिनोना बना सकती है, इस बात पर यकीन नहीं होता, लेकिन यह घटना सत्य है. हमें इस सत्य को स्वीकारना होगा और इसके खिलाफ सख्ती से खड़ा होना होगा.

यह घटना 14 दिसंबर 2015 को सरगुजा जिले के लखनपुर ब्लॉक स्थित ग्राम बांसाझाल में हुई थी. इसके दूसरे दिन पुलिस को लखनपुर के बासांझाल नाला के समीप भोला राम के खेत में एक युवती का नग्न अवस्था में शव मिला था, पुलिस ने मामले को प्रथम दृष्टया हत्या का मानते हुए विवेचना शुरू कर दी थी.

कुछ दिनों की जांच के बाद तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, जिसके बाद से इस मामले पर अदालत में सुनवाई चल रही थी. मामले की सुनवाई करते हुए मंगलवार को विशेष न्यायाधीश (अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचरण निवारण अधिनियम) आलोक कुमार ने तीनों को मृत्युपर्यंत कारावास की सजा सुनाई है.

इस वारदात को अंजाम देने वाले तीन युवकों को मनुष्य कहने का भी मन नहीं करता, शायद आज तक हमने राक्षसों, दानवों की भी जितनी कहानियां पढ़ी होंगी, सुनी होंगी, उनमे भी इतना घिनौनापन, इतनी विभत्स्ता महसूस नहीं की होगी, जो इन तीन दरिंदों की हैयनीयत भरी करतूत को देख कर हो रही है. हवस की आग किसी को इतना घिनोना बना सकती है, इस बात पर यकीन नहीं होता, लेकिन यह घटना सत्य है. हमें इस सत्य को स्वीकारना होगा और इसके खिलाफ सख्ती से खड़ा होना होगा.

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