खुशखबरी, मोदी हेल्थ केयर योजना को मिली कैबिनट की मंजूरी

Bhavnagar: Prime Minister Narendra Modi addressing a public meeting in Ghogha, Bhavnagar, Gujarat on Sunday. PTI Photo / PIB (PTI10_22_2017_000160A)

– इस योजना पर अगले दो साल तक 10,500 करोड़ रुपये खर्च आएगा, जिसे 60 फीसदी केंद्र और 40 फीसदी राज्य सरकार वहन करेगी।

 

सरकार ने मोदी केयर योजना को औपचारिक मंजूरी दे दी है। पीएम नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को कैबिनेट मीटिंग में इसे मंजूरी दी गई। इसे सरकार ने नैशनल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम के तहत आयुष्मान भारत नाम दिया है।

– इस योजना पर अगले दो साल तक 10,500 करोड़ रुपये खर्च आएगा, जिसे 60 फीसदी केंद्र और 40 फीसदी राज्य सरकार वहन करेगी।

– इस योजना को विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना माना जा रहा है। दावा किया गया है कि 10 करोड़ परिवारों को सालाना 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा मिलेगा। साथ ही यह कैशलेस सुविधा होगी। बीमा कवर के लिए उम्र की भी बाध्यता नहीं रहेगी। इसके लिए देशभर में 1.5 लाख स्वास्थ्य केंद्र खोले जाएंगे। मोदी सरकार 2019 में इसी योजना की बदौलत आम चुनाव लड़ना चाहती है।

– कैबिनेट ने सरोगसी रेग्युलेशन बिल में संशोधन को भी मंजूरी दी। अब इसे संसद में पास होने के लिए पेश किया जाएगा। इस विधेयक में सरोगसी यानी किराये की कोख वाली मां के अधिकारों की रक्षा तथा इस तरह के बच्चों के अभिभावकों को कानूनी मान्यता देने का प्रावधान है। सरोगसी बिल के तहत व्यावसायिक सरोगसी नहीं की जा सकेगी। यानी केवल जरूरतमंद दंपतियों के लिए नैतिक रूप से सरोगेट मां बनने की अनुमति दी गई है। सरकार का कहना है कि सरोगसी का दुरुपयोग हो रहा है, जिसे रोकने में नया बिल मदद करेगा। संशोधन के अनुसार अब हर राज्य में 3 महीने के अंदर सेंट्रल के स्तर पर नैशनल सरोगसी बोर्ड बनेगा, जबकि राज्य के स्तर पर स्टेट सरोगसी बोर्ड का गठन होगा।

– कैबिनेट ने ओबीसी कोटे में सब कैटिगरी के लिए बनाए कमिशन को जून 2018 तक विस्तार देने को भी मंजूरी दे दी है। कमिशन का गठन पिछले साल दो अक्टूबर को किया गया था। सरकार ने कहा कि सभी पक्षों से बात करने के लिए इसे विस्तार दिया गया है। इसके अलावा कैबिनेट ने सिल्क उद्योग के लिए 2100 करोड़ की योजना को भी मंजूरी दी।

Facebook Comments