सील तोड़ कर नमूने लिए, सीडब्ल्यूसी के खिलाफ तहरीर

बालिका गृह कांड की जांच में सोमवार को काफी तेजी दिखी। लखनऊ से आई फॉरेंसिक टीम के साथ एसआईटी ने बालिका गृह का सील तोड़वाकर कमरों की तलाशी ली। टीम ने करीब सात घंटे तक सबूत एकत्र किए। इसके अलावा गिरिजा, उसकी बेटी कंचनलता और पति मोहन से जांच टीम ने लंबी पूछताछ की। उधर, शासन ने बाल संरक्षण अधिकारी के खिलाफ जांच शुरू करा दी है तो डीपीओ ने सीडब्ल्यूसी के खिलाफ तहरीर दी है।

वीडियोग्राफी कराते हुए करीब 12 बजे मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में स्टेशन रोड स्थित बालिका गृह का सील तोड़ा गया। करीब दो घंटे तक सभी कमरों की तलाशी लेने के बाद अधीक्षिका कंचनलता को बुला कर यहीं पर पूछताछ की गई। फॉरेंसिक टीम ने जांच के दौरान करीब एक दर्जन नमूने लिए। यहां से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी एसआईटी के हाथ लगे। इसके बाद टीम ने कोतवाली में पहुंच कर गिरिजा की बहू प्रियंका की जब्त की गई कार से भी नमूने जुटाए। दूसरी तरफ रिमांड पर ली गई गिरिजा और उसके पति मोहन से भी पूछताछ की गई। सूत्रों की मानें तो पूछताछ के दौरान मोहन ने तबीयत खराब होने की शिकायत की, इस पर जांच टीम ने कोतवाली से किसी गोपनीय स्थान पर ले जाकर उसका इलाज कराया। बालिका गृह कांड में बाल कल्याण समिति पर भी शिकंजा कसता जा रहा है। जिला प्रोबेशन अधिकारी प्रभात कुमार ने समिति के सदस्यों पर शासन के निर्देशों को नहीं मानने का आरोप लगाते हुए कोतवाली में तहरीर दी है। उधर, बाल संरक्षण अधिकारी जयप्रकाश तिवारी के खिलाफ भी शासन ने जांच शुरू करा दी है। डीएम ने उन्हें नोटिस देकर आरोपों पर जवाब दो दिन में मांगा है।

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