गर्व से चौड़ा हो जाएगा हर बेटी के पिता का सीना ,इस द्रश्य को देखकर ….

महाराष्ट्र के औरंगाबाद में सामने आया है। औरंगाबाद शहर के घाटी सरकारी अस्पताल में बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं के कारण मरीजों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस सरकारी अस्पताल में मरीजों के लिए जरूरी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं है। यहां अस्पताल में भर्ती एक पिता की देखरेख आजकल उनकी बेटी कर रही है। तस्वीर में साफ देखा जा सकता है कि ये बच्ची अस्पताल में स्लाइन की बोतल खुद हाथ में पकड़े खड़ी है। बताया जा रहा है कि अस्पताल में स्लाइन चढ़ाने के लिए स्टैंड तक भी नहीं था। लेकिन इस बेटी का हौसला देखें जो घंटों अपने पिता के साथ यूं ही स्लाइन की बोतल पकड़े खड़ी रही।

 

औरंगाबाद के खुलताबाद के भटजी गांव में रहने वाले एकनाथ गवली को बीमार हालात में बीते शनिवार (5 मई) को घाटी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने जांच के बाद सोमवार (7 मई) को उनका ऑपरेशन किया। ऑपरेशन के बाद जब उन्हें वॉर्ड में शिफ्ट किया, तो वहां स्लाइन बॉटल स्टैंड नहीं था। स्टैंड न होने पर डॉक्टर ने सलाइन की बॉटल एकनाथ के साथ आई उनकी बेटी (7) के हाथ में थमा दी। साथ ही हिदायत दी कि बॉटल को हाथ में ऊपर करके ही पकड़ना।

 

बताया जा रहा है कि डॉक्टर ने बच्ची को ऑपरेशन थिएटर से लेकर वॉर्ड तक बॉटल थमाए रखी। बच्ची करीब दो घंटे तक हाथों में बॉटल लेकर खड़ी रही। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि काफी देर बाद बच्ची के भाई को स्टैंड मिल गया। वहां इलाज कराने आए अन्य मरीजों के तीमारदारों ने बताया कि अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं का टोटा है। यहां मरीजों को लिटाने के लिए जरूरत के हिसाब से बेड भी नहीं हैं। साथ ही कई बेड्स में गद्दे भी नहीं हैं।

Facebook Comments