मकान मालिक ने पैसे के मदद के बदले में मांग ली 10वीं पास बेटी…..

हाल ही में 8.3 अंकों के साथ 10वीं की परीक्षा पास करने वाली बच्ची का परिवार मूल रूप से ओडिशा के बालासोर का रहने वाला है, लेकिन बताया जाता है कि वे चार साल पहले हैदराबाद आकर बस गए थे। बच्ची के माता-पिता मज़दूर के तौर पर छोटा-मोटा काम करते थे। दोनों के दो बच्चे भी थे, एक बेटा और एक बेटी। 

कभी-कभी परेशानियों के आगे हालात ऐसे हो जाते है कि हम समझ नहीं पाते क्या करें,क्या ना करें। इसका अंजाम यह होता है कि हम अपनी जिंदगी खुद ही बर्बाद कर लेते है।

एक ऐसा किस्सा हैदराबाद से सामने आया है। जहां 10वीं कक्षा की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली एक बच्ची को 38 साल के दिव्यांग व्यक्ति के साथ शादी के लिए हां बोलना पड़ा। बच्ची को शादी के लिए हां इसलिए कहना पड़ा, क्योंकि उसके माता-पिता ने पिछले कई महीनों से घर का किराया अदा नहीं किया था।

पिछले कुछ समय से बच्ची के माता-पिता लगातार अपने मकान-मालिक से पैसे उधार ले रहे थे। जिसके बाद उनपर दबाव डाला जाने लगा कि वे अपनी बच्ची की शादी रमेश से करवा दें, जो चल-फिर नहीं सकता है। बता दें रमेश मैकेनिक के तौर पर दुकान चलाता है।

मैलारदेवपल्ली पुलिस थाने में इंस्पेक्टर जगदीश्वर ने मीडिया को बताया, “वे अपने बेटे के लिए सहारा चाहते थे, और उनकी मांग थी कि या तो बच्ची का विवाह उनके बेटे से करवा दिया जाए, या बच्ची का परिवार वह रकम लौटाए, जो उन्हें मकान मालिक को चुकानी थी।

बच्ची का पिता इस बात से काफी परेशान था, और घर छोड़कर कहीं चला गया था, और बच्ची की मां के मुताबिक, उसके पास शादी के लिए हां बोलने के अलावा कोई और  विकल्प नहीं बचा था।

बताया जा रहा है कि मैलारदेवपल्ली पुलिस थानाक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले काटेदान इलाके में पुलिस और बाल कल्याण अधिकारियों ने बिल्कुल फिल्मी अंदाज़ में ऐन वक्त पर मंदिर पहुंचकर बच्ची को बचाया, जब उसकी शादी की जा रही थी। दिव्यांग व्यक्ति रमेश गुप्ता, उसके पिता चेन्नैया तथा मां पल्ली रामचंद्रम्मा के खिलाफ बाल विवाह एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।

 

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