भारत 2028 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी टूरिज्म इकोनॉमी बन जाएगा

मुंबई में नए क्रूज पोर्ट को तैयार करने के सरकार के फैसले को भी देश के ग्लोबल क्रूज डेस्टिनेशन बनाने की दिशा में अहम कदम बताया गया है। गुएवारा ने कहा, ‘केंद्र सरकार ने अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए वास्तव में कई बेहतरीन कदम उठाए हैं। 163 देशों के लिए ई-वीजा की सुविधा शुरू करना भी इन कदमों में से एक है। भारत 2028 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी टूरिज्म इकोनॉमी बन जाएगा। ये बात देश की कुल जीडीपी और टूरिज्म से होने वाली आय के आंकड़ों के आधार पर वर्ल्ड ट्रेवल ऐंड टूरिज्म काउंसिल ने अपनी रिपोर्ट में कही है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि आने वाले 10 सालों में भारत में इस सेक्टर के जरिए रोजगार के 1 करोड़ नए अवसर पैदा होंगे। 2018 में टूरिज्म में रोजगार के अवसरों का आंकड़ा 4.2 करोड़ है, जबकि 2028 में यह बढ़कर 5.2 करोड़ हो जाएगा। भारत में लाखों कई एतिहासिक इमारतें है, जिनमें बड़ी संख्या में क़िले और राजमहल है जिन्हें देखने के लिए पूरी दुनिया से पर्यटक आते हैं। इसके लिए साउथ के मंदिरों के दर्शन के लिए भी सैलानी बड़ी संख्या में आते हैं।

रिपोर्ट में भारत को दुनिया की 7वीं सबसे बड़ी टूरिज्म इकोनॉमी करार देते हुए कहा गया है कि टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्टर में सुधार करने पर संभावनाएं बढ़ सकती हैं। वर्ल्ड ट्रैवल ऐंड टूरिज्म काउंसिल की प्रेजिडेंट के मुताबिक, भारत में ट्रैवल और टूरिज्म सेक्टर के लिए जिस पर सबसे ज्यादा फोकस किए जाने की जरूरत है, वह है इन्फ्रास्ट्रक्चर। वैश्विक परिप्रेक्ष्य में टूरिज्म एक प्रतिस्पर्धी कारोबार है।

भारत के पूर्वी और पश्चिमी पड़ोसी देशों की बात करें तो उन्होंने एयरपोर्ट्स, बंदरगाहों और हाईस्पीड रेल और रोड नेटवर्क के जरिए वर्ल्ड क्लास इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार किया है। इसके साथ ही वर्ल्ड ट्रेवल ऐंड टूरिज्म काउंसिल ने केंद्र सरकार की रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम का भी स्वागत किया है। इस स्कीम के तहत देश में 350 हवाई अड्डे और हवाई पट्टों को विकसित करने पर काम चल रहा है।

 

 

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