GST घोटाला,अब विभाग बाजारों में सर्वे कराएगा ताकि कर चोरी को रोका जा सकें…

20 लाख रुपए सालाना टर्नओवर वाले व्यापारियों को छूट देने का असर उलटा हो रहा है। प्रदेश में ऐसे व्यापारियों की संख्या हजारों में है।

कमर्शियल टैक्स विभाग ऐसे व्यापारियों को चिन्हित करने के लिए बाजारों में सर्वे कराएगा ताकि कर चोरी को रोका जा सकें।

विभाग पहले भी सर्वे की कार्रवाई करता रहा है। जीएसटी में भी इसे लागू किया जाएगा ताकि कर अपवंचन को रोका जा सकें।

राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने गुरुवार को रेडक्रॉस सोसाइटी के जनरल सेके्रटरी राजीव तिवारी को हटा दिया है। राज्यपाल की कंट्रोलर लता शरणागत को यहां का अतिरिक्त प्रभार दिया है। राज्यपाल की यह पहली बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।

मध्यप्रदेश में तीन लाख से अधिक रजिस्टर्ड व्यापारी है। जीएसटी में 20 लाख रुपए तक सालाना टर्नओवर वाले व्यापारियों को छूट दी गई है। मार्केट एक्सपर्ट का कहना है कि 20 लाख की छूट का फायदा ऐसे लोग भी उठा रहे हैं, जिनका टर्नओवर इस राशि से कहीं ज्यादा है। अर्थात् वे अपना टर्नओवर छिपा रहे हैं।

विभाग के सूत्रों का कहना है कि ऐसे व्यापारियों को जीएसटी में लाकर कर अपवंचन रोकना एवं सरकार का राजस्व बढ़ाना है। चूंकि वेट के समय भी व्यापारियों का सर्वे हुआ था।

सरकार ने कैशलेस को बढ़ावा देने के लिए 10 हजार रुपए के लेनदेन को पेटीएम जैसे एप की सुविधा मुहैया कराई है, लेकिन बाजारों में स्थिति उलटी देखी जा रही है। ज्यादातर लेनदेन नकद में ही हो रहा है। कमर्शियल टैक्स विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इससे व्यापारियों के टर्नओवर का आकलन नहीं हो पा रहा है।

10 लाख रुपए का टर्नओवर बाद में कर दिया गया
1 जुलाई 2017 से देश में जीएसटी लागू हो गया

 

उन्होंने हाल ही में अस्पताल का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान मरीजों से मुलाकात कर कामकाज की समीक्षा की थी। सूत्रों का कहना है कि राज्यपाल को रेडक्रॉस सोसाइटी की लम्बे समय से शिकायतें मिल रही थीं। उन्होंने सख्त फैसला लेते हुए तिवारी को हटाने के आदेश दिए।

राज्यपाल ने रेडक्रॉस में इलाज कराने के लिए आने वाले गरीबों को सस्ता इलाज मुहैया कराए जाने के लिए निर्देश भी दिए हैं। इसी के तहत अब यहां बीपीएल धारकों को डायलसिस की सुविधा 400 रुपए में मिलेगी, आमजन के लिए इसकी फीस 800 रुपए है।

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