इस तरह दूर करें मोटापा, नतीजा आपको यकीनन हैरान कर देगा

अगर आप अपने मोटापे से परेशान है तो आपके लिए अच्छी खबर है. एक नए अध्ययन के अनुसार, भूख को नियंत्रित करने में उपयोगी, प्राकृतिक रूप से पैदा होने वाले हार्मोन की तरह काम करने वाले तत्व से मोटापे से ग्रस्त लोग वजन कम कर सकते हैं. सीमेग्लूटाइड नाम के इस तत्व की रासायनिक संरचना पेप्टाइड1 जैसे हार्मोन ग्लूकागोन से काफी हद तक मिलती जुलती है. यह अध्ययन शिकागो में एंडोक्राइन सोसायटी की वार्षिक बैठक में प्रस्तुत किया गया. अध्ययन में 957 लोगों ने भाग लिया जिसमें से 35 फीसदी पुरुष थे.

सभी भागीदारों का बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) कम से कम 30 था लेकिन उन्हें मधुमेह नहीं था. सभी को मासिक डाइट और व्यायाम करने के लिए काउंसिलिंग दी गई. सीमेग्लूटाइड लेने वाले सभी लोगों का एक साल बाद वजन घटने लगा. शोधकर्ताओं ने बताया कि लोगों को इस दवा की जितनी अधिक मात्रा दी गई उनका औसत वजन उतना अधिक घटने लगा.

भूखे रहे बिना भी आसानी से घटाया जा सकेगा वजन
बता दें ज्यादा वजन की समस्या से जूझने वाले यदि यह सोचकर भूखे रहते हैं कि इससे उनका वजन कम हो जाएगा. लेकिन अब आपको वजन कम करने के लिए भूखे रहने की जरूरत नहीं है. अब एक ऐसी दवा की खोज कर ली गई है जिसे खाने के बाद आपको भूखे रहने की जरूरत नहीं होगी आपका वजन भी कम हो जाएगा. यह नई दवा आपको खुशी दे सकती है. भारतीय मूल के वैज्ञानिकों में से एक की अगुआई में एक दल ने एक नई दवाई विकसित कर रहे हैं जिससे आप बिना खुद को भूखा रखे अपने शरीर की अतिरिक्त चर्बी खत्म कर सकेंगे.

मेटाबॉलिज्म बढ़ाने में सक्षम
अनुसंधानकर्ताओं ने बताया कि यह दवाई आपके शरीर में फैट सेल मेटाबॉलिज्म बढ़ाकर सिर्फ अतिरिक्त चर्बी को ही खत्म करता है. वैज्ञानिकों ने मेटाबॉलिक ब्रेक को मोटी सफेद वसा कोशिकाओं में सक्रिय होने से रोकने में मददगार तत्व को खोज निकाला है. मेटाबॉलिक ब्रेक को रोकने के बाद वे सफेद वसा कोशिकाओं में मेटाबॉलिज्म बढ़ाने में सक्षम हो सके हैं.

नई वसा से जुड़ी प्रणाली का पता चला
अध्ययन की मुख्य लेखिका टेक्सास मेडिकल शाखा विश्वविद्यालय की हर्शिनी नीलकांतन ने बताया, ‘फैट सेल ब्रेक की क्रिया को रोकने से एक नई वसा से जुड़ी प्रणाली का पता चला, जिसकी सहायता से कोशिकाओं की मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने तथा सफेद वसा कोशिकाओं की संख्या को कम करने में मदद मिली. इससे मोटापे और उससे संबंधित मेटाबॉलिक (चयापचय संबंधी) बीमारियों के मूल कारण का इलाज होता है..’

Facebook Comments