आज भी हनुमान के मिलते हैं अंस यहां आज भी खड़ा है संजीवनी बूटी वाला पहाड़

जिनके बारे में कहा जाता है कि वहां हनुमान के लाए पहाड़ के टुकड़े गिरे थे। इनमें रूमास्सला हिल सबसे अहम है। खास बात ये कि जहां-जहां ये टुकड़े गिरे, वहां-वहां की जलवायु और मिट्टी बदल गई।

मंगलकारी रामभक्त हनुमान, जिनके जप के प्रभाव से बड़ी से बड़ी मुसीबत टल जाती है। रामायण काल से लेकर महाभारत काल तक हनुमान की कई गाथाए हैं, जिसमें छुपे हैं अनगिनत राज़। आखिर हनुमान का जन्म कैसे हुआ ? क्या कभी हनुमान ने विवाह किया था ? क्या कलयुग मे भी जीवित हैं महावीर हनुमान ?

राम रावण युद्ध के दौरान जब मेघनाद के बाण से लक्ष्मण मूर्छित हो गए तब हनुमान संवीजनी बूटी लाने गए हनुमान पूरा एक पहाड़ ही उठा लाए थे। उस पहाड़ को आज सारी दुनिया रूमास्सला पर्वत के नाम से जानती है। श्रीलंका की खूबसूरत जगहों में से एक उनावटाना बीच इसी पर्वत के पास है। उनावटाना का मतलब ही है आसमान से गिरा।

श्रीलंका के दक्षिण समुद्री किनारे पर कई ऐसी जगहें हैं, जिनके बारे में कहा जाता है कि वहां हनुमान के लाए पहाड़ के टुकड़े गिरे थे। इनमें रूमास्सला हिल सबसे अहम है। खास बात ये कि जहां-जहां ये टुकड़े गिरे, वहां-वहां की जलवायु और मिट्टी बदल गई।

इन जगहों पर मिलने वाले पेड़-पौधे श्रीलंका के बाकी इलाकों में मिलने वाले पेड़-पौधों से काफी अलग हैं। श्रीलंका के नुवारा एलिया शहर से करीब 10 किलोमीटर दूर हाकागाला गार्डन में हनुमान के लाए पहाड़ का दूसरा बड़ा हिस्सा गिरा। इस जगह की भी मिट्टी और पेड़ पौधे अपने आसपास के इलाके से बिल्कुल अलग हैं।

पूरे श्रीलंका में जगह-जगह रामायण की निशानियां बिखरी पड़ी हैं। हर जगह की अपनी कहानी है, अपना प्रसंग है।

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