यूँ बनाएं इस बीमारी की आयुर्वेदिक दवा, नहीं होगा कभी हॉर्ट अटैक…

खासकर युवा और जो लोग दूसरे शहरों में कामकाज करते हैं और घर पर खाना नहीं बना सकते उन्हें दिल की बीमारी का खतरा ज्यादा रहता है।

ऐसे युवा खुद खाना बनाने से परहेज करते हैं और बाहर ही खाना पसंद करते हैं। लेकिन बाहर का खााना कितना खतरनाक हो सकता है ये लोग नहीं जानते।

हमारी बदलती जीवनशैली के कारण हमारे खाने-पीने में भी काफी बदलाव आ चुका है। आजकल फास्ट फूड के साथ-साथ हम न जाने हर रोज क्या-क्या खाते रहते हैं।

अधिकतर ढाबे और होटलों पर मिलने वाले खाने में तेल से लेकर मसाले निम्न क्वालिटी के इस्तेमाल किए जाते हैं। कई बार तो एक बार का इस्तेमाल किया गया तेल भी 3-4 बार इस्तेमाल किया जाता है। उनके किचन में खाना कैसा बन रहा है, ये किसी को भी नहीं पता चलता। अब ऐसे में आप जो खाना खा रहे हैं वो आपकी सेहत को नुकसान तो पहुंचाएगा ही, बल्कि साथ-साथ आपको दिल का मरीज भी बना सकता है।

 

ऐसा खाना खाने से आपके खून में टॉक्सिन यानि जहरीले पदार्थों की मात्रा बढ़ जाती है। धीरे-धीरे यही जहरीले पदार्थ खून में थक्के का रूप लेने लगते हैं और नसों में ब्लॉकेज शुरू हो जाती है। इसकी वजह से दिल में खून ठीक ढंग से पहुंच नहीं पाता और हार्ट अटैक या फिर कोरोनरी आर्टरी डिसीज हो सकती है। वैसे तो दवाओं और सर्जरी से इसका इलाज संभव है, लेकिन अगर आपको सही जानकारी मिल जाए तो महंगी दवाओं की जगह घर बैठे आप दवा तैयार कर सकते हैं, जिसके नियमित सेवन से आपको भविष्य में दिल की बीमारी नहीं होगी।

 

सबसे खास बात ये है कि जिन लोगों को ऐसी बीमारी नहीं है, वो भी अपने दिल को स्वस्थ्य रखने के लिए ये दवा इस्तेमाल कर सकते हैं। ये दवा ब्लड प्रेशर को भी कंट्रोल करती है और किसी भी तरह के संक्रमण को शरीर में फैलने से रोकती है। साथ ही साथ इस दवा के नियमित सेवन से लिवर साफ रहता है, हार्ट फेल होने का खतरा भी खत्म हो जाता है और आपकी नसों को साफ करती है। इस देसी दवा को खुद कई हार्ट स्पेशलिस्ट भी आजमा चुके हैं। चूंकि ये घरेलू चीजों से बना है इसलिए इसका नुकसान नहीं होता।

ऐसे बनाएं : इस दवा को बनाने के लिए 15 नींबू, 400 ग्राम साबुत गेंहू, 12 लहसुन की कलियां, 400 ग्राम अखरोट और 1 किलो कच्चा शहद चाहिए। दवा तैयार करने के लिए गेंहू के दानों को किसी बर्तन में साफ पानी में भिगो कर रख दें। 10-12 घंटों बाद गेंहू को अच्छी तरह धो कर पानी से निकाल लें। इसके ठीक एक दिन बाद जब गेहूं अंकुरित हो जाए तो इन्हें लहसुन, अखरोट और 5 छिलके सहित नींबुओं के साथ मिक्सी में पीस लें। पेस्ट तैयार होने के बाद इसमें बचे हुए 10 नीम्बुओं का रस और शहद मिलाकर एक कांच के जार में भर कर फ्रीजर में रख लें।

खाना खाने से आधा घंटा पहले दिन में 3 बार रोज इस दवा का सेवन करें। यह घरेलू दवाई आपकी नसों को खोलने के साथ दिल की ब्लॉकेज को खोल देगी, बल्कि इससे आपके पूरे शरीर पर बहुत से सकारात्मक प्रभाव पड़ेंगे। हृदय रोगों, ब्लड प्रैशर और कॉलेस्ट्रोल में राहत दिलाने के अलावा यह नुस्खा शरीर के किसी भी हिस्से में पनपे ट्यूमर पर भी सकारात्मक प्रभाव डालता है।

 

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