हाईकोर्ट ने दे दी GF के साथ लिव-इन में रहने की इजाजत, 19 साल के लड़के ने की ऐसी अपील

परिवार वालों के कारण अब प्यार करने वाले कपल्स को अलग नहीं होना पडे़गा। कोर्ट ने राहत देते हुए कपल्स को बिना शादी के लिव-इन रिलेशन में रहने की इजाजत दे दी है।

बताया जा रहा है कि गुजरात हाईकोर्ट ने 20 साल की युवती को उसके ब्वॉयफ्रेंड के साथ बिना शादी के साथ रहने का इजाजत दे दी है। जी हां कोर्ट ने दोनों को लिव-इन रिलेशन में रहने की इजाजत दे दी है।

बता दें दोनों की उम्र कम होने के कारण वो अभी शादी नहीं कर सकते हैं। लेकिन अब कोर्ट की इजाजत के बाद दोनों बिना किसी डर के साथ रह सकते हैं। युवती के ब्वॉयफ्रेंड की उम्र 19 साल बताई जा रही है। कोर्ट के आदेश के बाद अब दोनों के घर वाले उन पर किसी भी तरह का दबाव भी नहीं बना सकते। लेकिन आप भी सोच रहे होंगे की आखिर कोर्ट ने किस आधार पर ऐसा चौंकाने वाला फैसला सुनाया?

दरअसल, कोर्ट में लड़की ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ नहीं रहना चाहती क्योंकि उसे उसके ब्वॉयफ्रेंड से दूर रखा जा रहा है। वह अपने ब्वाॉयफ्रेंड से दूर नहीं रह सकती है वहीं बाल विवाह निषेध अधिनियम के मुताबिक लड़का चाहकर भी अभी अपनी गर्लफ्रेंड से शादी नहीं कर सकता। इसके लिए उसे दो साल तक यानी जब तक वह 21 साल का नहीं हो जाता तब तक इंतजार करना होगा।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार 19 जुलाई को लड़के ने कोर्ट में याचिका दायर की थी। लड़के का आरोप था कि लड़की के परिवार वालों ने लड़की को कैद कर रखा है और उसे ब्वॉयफ्रेंड से मिलने की अनुमति नहीं मिल रही है।

जिसके बाद लड़के ने कोर्ट से अपील की कि उसे गर्लफ्रेंड के साथ तब तक लिव-इन में रहने की इजाजत दी जाए, जब तक उसकी उम्र शादी की नहीं हो जाती। जैसे दोनों बालिग हो जाएंगे दोनों शादी कर लेंगे। सारी बातें सुनने के बाद कोर्ट ने इस आधार पर अपना आदेश सुनाया।

गौरतलब है कि बाल विवाह निषेध अधिनियम के अनुसार शादी के लिए लड़की की उम्र 18 और लड़के की उम्र कम से कम 21 साल अनिवार्य है। राज्य सरकार ने भी कोर्ट को आश्वासन दिया है कि खुद पुलिस लड़की को उस जगह ले जाएगी जहां वह ब्वॉयफ्रेंड के साथ रहना चाहती है।

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