High Court ने केंद्र सरकार को EVM मशीन की सुरक्षा को लेकर जारी किया नोटिस

ईवीएम के कारण विवादों में आए दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ के चुनावों में दिल्ली हाई कोर्ट ने एक याचिका पर फैसला लेते हुए नोटिस जारी किया है। इस याचिका में डूसू चुनावों में इस्तेमाल की गई ईवीएम मशीनों पर सवाल उठाते हुए कहा गया था कि आखिर किस तरह से ये EVM प्राइवेट तरीके से हासिल की गई है।

उल्लेखनीय है कि चुनाव आयोग ने खुद इस बात पर शक किया था कि डूसू में इस्तेमाल होने वाली ईवीएम से उसका कोई मतलब नहीं है और ऐसा लगता है जैसे ये मशीनें डूसू में प्राइवेट तरीके से हासिल की गई है। इस खुलासे से हड़कंप मच गया था।

केंद्र ईवीएम के सुरक्षा इंतजाम करे
इसी पर सवाल उठाती हुई याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार के अलावा दिल्ली विश्वविद्यालय, डूसू अध्यक्ष और अन्यों को नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही हाई कोर्ट ने केंद्र को निर्दश दिया है कि वो इन मशीनों को सुरक्षित करने के उपाय पुख्ता करे। सुनवाई की अगली तारीख 29 अक्टूबर है।

बता दें खुद इलेक्शन ऑफिसर मनोज कुमार ने कहा था कि चुनाव आयोग की ओर से दिल्ली यूनिवर्सिटी को ईवीएम मशीनें आवंटित नहीं की गई है। राज्य चुनाव आयोग ने भी इस बात की पुष्टि की है कि उनकी ओर से कोई ईवीएम नहीं दी गई है। ऑफिसर ने कहा, ऐसा लगता है कि दिल्ली यूनिवर्सिटी ने प्राइवेटली इन मशीनों का बंदोबस्त किया है।

दूसरी मशीन का इस्तेमाल हुआ था
इसके साथ ही भारतीय चुनाव आयोग ने साफ किया था कि लोकल या स्थानीय स्तर पर होने वाले चुनावों के लिए वह जिम्मेदार नहीं है। ऐसे चुनाव राज्य चुनाव आयोग के अधीन आते हैं। आयोग ने आगे कहा कि भारतीय चुनाव ईवीएम मशीनों में छेड़छाड़ ना किए जाने को लेकर पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

कमीशन ने डूसू चुनाव पर मचे हंगामें में भी सफाई देते हुए आगे कहा था कि चुनाव आयोग केवल सिंगल पोस्ट ईवीएम का उपयोग करता है। जबकि डूसू में मल्टी पोस्ट मशीनों का इस्तेमाल हुआ था, जो कि तकनीकी रूप से आयोग की सिंगल पोस्ट मशीनों से बिल्कुल अलग है।

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