होली पर कोई दुकानदार दे नकली सामान तो इस नंबर पर लगाएं फोन…

त्यौहारों के नजदीक आते ही खाद्य पदार्थों में मिलावट की शिकायतें काफी आने लगती हैं। दुकानदार ज्यादा से ज्यादा मुनाफ कमाने के लिए पदार्थों में मिलावट करके बेचते हैं। घी, मावा, स्वीट्स जैसी चीजों में सबसे ज्यादा मिलावट होती है।

यदि आपको कोई मिलावटी पदार्थ बेचे या आप कहीं मिलावट होते देखें तो आप इसकी शिकायत कर सकते हैं। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने टोल फ्री नंबर जारी कर रखा है। किसी को भी कुछ शिकायत है तो वो 1800112100 पर कॉल कर सकता है।

FSSAI ने अलग-अलग रीजन के हिसाब से भी टेलीफोन नंबर और ईमेल आईडी जारी कर रखी हैं।  6 रीजन और 2 लेबोरेटरी के नंबर और ईमेल आईडी आप FSSAI की वेबसाइट www.fssai.gov.in से पता कर सकते हैं। इइसके अलावा आप अपने डिस्ट्रिक्ट लेवल के फूड सेफ्टी ऑफिसर को भी मिलावट की शिकायत कर सकते हैं।

कितनी होती है सजा

यदि कोई तय मानकों का पालन नहीं करता तो उस पर 5 लाख रुपए तक का फाइन लग सकता है। वहीं यदि कोई अनसेफ फूड बेचता है तो उस पर 5 लाख रुपए तक का जुर्माना लग सकता है साथ ही 6 माह तक की सजा हो सकती है।

मिलावटी मावे से हो सकती हैं इतना खतरनाक बीमारियां

डाइटिशियन के अनुसार, मिलावटी मावे से पेट दर्द, डायरिया, मरोड़, पेट में भारीपन, एसिडिटी और इनडाइजेशन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इस मावे ज्यादा मात्रा में सेवन कर लिया जाए तो इंटरनल ऑर्गन्स पर भी बुरा असर पड़ सकता है।

इसकी वजह इसमें लिटमस पेपर का मिलाया जाना है जो पानी को सोखने की क्षमता रखता है। मावे में घटिया किस्म का सॉलिड मिल्क मिलाया जाता है। इसमें टेलकम पाउडर, चूना, चॉक और सफेद केमिकल्स जैसी चीजों की मिलावट भी होती है। ऐसे मावे से बनी मिठाइयों से किडनी और लिवर पर बहुत बुरा असर पड़ सकता है। इतना ही नहीं, इससे कैंसर, फूड प्वाइजनिंग, वॉमिटिंग और डायरिया जैसी बीमारियां भी हो सकती हैं।

 

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