आईआईटी में लड़कियों के लिए करीब 779 सीटें बढाई गयी…..

बेटियों के इंजिनियर बनने की कड़ी में सरकार ने अहम फैसला लिया है। आईआईटी में महिलाओँ की संख्या की कमी को दूर करने के लिए ज्यादा से ज्यादा सीट अॉफर की गई हैं। जुलाई 2018 से शुरू होने वाले नए एकेडेमिक सेशन वाले बैच में कम से कम 779 सीटें बढ़ाई जाएंगी।इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी (आईआईटी) में लड़कियों के लिए करीब 779 तक की सीट बढ़ा दी गई है।

एचआरडी मिनिस्ट्री ने इस महीने के शुरू में देश के सभी 23 आईआईटी को सर्कुलर भेजकर कहा था कि उन्हें इस वर्ष शुरू होने वाले नए बैच में कम से कम 14 पर्सेंट सीटें महिला उम्मीदवारों के लिए सुनिश्चित करनी चाहिए और इससे अन्य छात्रों के लिए उपलब्ध मौजूदा सीटों पर असर नहीं पड़ना चाहिए।

आईआईटी दिल्ली के चेयरमैन (जेईई -अडवांस्ड) आदित्य मित्तल ने बताया कि पिछले वर्ष आईआईटी में लगभग 10 पर्सेंट महिला छात्रों के अनुमान के अनुसार 2018 में इस संख्या को बढ़ाकर 14 पर्सेंट करने के लिए लगभग 550 अतिरिक्त सीटों की जरूरत होगी। अब इस मामले में महिलाओं के लिए संख्या अधिक कर दी गई है। आईआईटी और जेईई में महिलाओं के लिए संख्या बढ़ाकर 779 की गई है।

देश में आईआईटी के साथ ही अन्य इंजिनियरिंग इंस्टिट्यूट में भी छात्राओं की संख्या काफी कम है। बीटेक में पिछले साल के मुकाबले लड़कियों की संख्या काफी कम थी जिसे बढ़ाने के लिए अधिक सीटें अॉफर की गई हैं।

 

पिछले वर्ष आईआईटी में 10,000 से अधिक छात्रों ने दाखिला लिया था और इनमें छात्राओं की संख्या केवल 10 पर्सेंट थी। कुछ टॉप आईआईटी में महिलाओं की संख्या पिछले वर्ष 10 पर्सेंट से भी कम रही थी।

779 सीटों में से 113 सीटें आईआईटी खड़गपुर के लिए हैं, 95 सीट धनबाद के लिए, आईआईटी कानपुर में 79 सीट्स, आईआईटी बीएचयू में 76 सीट, आईआईटी रुड़की में 68 आईआईटी दिल्ली में 59 सीट, आईआईटी मुंबई में 58 सीट और आईआईटी गुवाहटी में 57 सीट महिलाओं के लिए अॉफर की गई हैं।

पिछले साल आईआईटी कानपुर में ऐडमिशन लेने वाले कुल 826 छात्रों में से छात्राओं की संख्या केवल 54 (6.5 पर्सेंट) थी। आईआईटी गुवाहाटी में कुल 643 छात्रों में से केवल 6 पर्सेंट महिलाएं थी, जबकि आईआईटी खड़गपुर में 1,332 छात्रों से केवल 110 छात्राएं (8 पर्सेंट) थीं।

 

देश के सभी आईआईटी अब 2018 के बैच के लिए सीटों की संख्या पर दोबारा काम कर रहे हैं जिससे विभिन्न वर्गों (आरक्षित वर्ग) के लिए सीटों के पर्सेंटेज पर असर न पड़े। गैर-महिला वर्गों के लिए 2017 में आबंटित की गई सीटों में कोई कमी नहीं की जाएगी।

JEE अडवांस्ड ऑर्गनाइजिंग के चेयरमैन, शलभ ने बताया कि सीटें बढ़ाने के प्रपोजल की लॉ मिनिस्ट्री भी समीक्षा कर चुकी है। अब IIT इसे लागू करने पर काम कर रहे हैं। इस वर्ष ऐडमिशन के लिए सीटों की सटीक संख्या की पुष्टि अप्रैल तक की जोगी। पिछले वर्ष आईआईटी में दाखिले में तीन दिन की देरी हुई थी। इसका कारण उच्चतम न्यायालय की ओर से स्टे लगाना था। उच्चतम न्यायालय ने जॉइंट एंट्रेस एग्जामिनेशन (जेईई) एडवांस्ड 2017 में सभी उम्मीदवारों को बोनस अंक देने के फैसले पर सवाल किया था।

 

Facebook Comments