जी हां! अब करेंगे ITR फाइल तो देना होगा जुर्माना, नहीं मिलेगा ये फायदा

अगर आप 31 अगस्त की समयसीमा के अंदर वित्तीय वर्ष (financial year) 2017-18 का आयकर रिटर्न नहीं भर पाए हैं तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। आपके पास 31 मार्च तक आईटीआर भरने का मौका है, हालांकि इसके लिए जुर्माना देने के साथ कुछ अन्य फायदों से वंचित होना पड़ सकता है।

आयकर विभाग ने पहले रिटर्न भरने के लिए 31 जुलाई तक का वक्त दिया था, जिसे बढ़ाकर 31 अगस्त किया गया था। अगर आप 31 दिसंबर से पहले आईटीआर भर देते हैं तो अधिकतम पांच हजार रुपये का जुर्माना लगेगा। अगर आपकी सालाना आय पांच लाख रुपये से कम है तो जुर्माने की यह राशि एक हजार रुपये से ज्यादा नहीं होगी। हालांकि अगर आप 31 दिसंबर तक भी आईटीआर नहीं भर पाते हैं तो आपको दस हजार रुपये का जुर्माना भुगतना पड़ेगा। कर अधिकारियों का कहना है कि आईटीआर भरने के 15 दिन के अंदर रिफंड दिया जा रहा है।

कर देनदारी पर ब्याज भी देना होगा
आईटीआर में देरी पर न केवल जुर्माना देना होगा, बल्कि अगर आपकी कोई कर देनदारी निकलती है तो उस पर हर महीने एक प्रतिशत के हिसाब से जुर्माना भी देना होगा।

संशोधित आईटीआर की इजाजत नहीं
31 अगस्त की समयसीमा में आईटीआर भरने वालों को गलती होने पर संशोधित रिटर्न भरने की भी इजाजत दी गई थी। लेकिन देरी करने वालों को ऐसी सुविधा नहीं मिलेगी।

रिफंड पर कोई ब्याज नहीं मिलेगा
अभी भी आईटीआर न दाखिल करने वालों का अगर कोई टैक्स रिफंड बनता भी है तो उस पर कोई ब्याज भी नहीं मिलेगा। आवासीय संपत्ति के अलावा आपको किसी अन्य नुकसान को कैरी फॉरवर्ड करने की छूट भी नहीं मिलेगी।

रिटर्न फाइलिंग का बढ़ता दायरा
2016-17 : 5.48 करोड़
2017-18 : 6.86 करोड़
2018-19 : 5.42 करोड़ (अभी तक)
35 लाख के करीब आईटीआर भरे 31 अगस्त को अंतिम दिन

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