दुनिया में नंबर 1,ब्राजील से लौटेगी गायों की भारतीय नस्ल…..

अब ब्राज़ील से जल्द ही भारतीय नस्ल की गायों को वापस लाई जाएंगी। यह नस्लें 100 से 150 साल पहले तक ब्राजील गई थी। ब्राजील की ये नंबर वन नस्ल अब वापस भारत लौटकर अपने पूर्वजों की नस्लों को सुधारेंगी।

गायों की भारतीय नस्लें आज भी दुनिया में नंबर 1 है। अब ब्राज़ील से जल्द ही भारतीय नस्ल की गायों को वापस लाई जाएंगी। यह नस्लें 100 से 150 साल पहले तक ब्राजील गई थी। ब्राजील की ये नंबर वन नस्ल अब वापस भारत लौटकर अपने पूर्वजों की नस्लों को सुधारेंगी।

ब्राजीलियन गाय ब्रीडर एबीसीजेड ब्राजील के साथ हरियाणा पशुपालन विभाग की और ब्राजील मे विकसित भारतीय नस्लों का हमारी नस्लों के सुधार के लिये एक्सीलेंसी सेंटर खोलने और उनके सीमेन, सैक्सड सीमेन, जैनेटिक मैटीरियल को नस्ल सुधार के लिए हरियाणा लाने के आशयपत्र पर हस्ताक्षर किए गए।

 

हरियाणा की ओर से पशुपालन मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ और ब्राजीलियन गाय ब्रीडर असोसिएशन के अध्यक्ष की ओर से निदेशकों जैबरियल गरेशिया, रिवालडो मैचाडो, अडवारडो फालकावो ने हस्ताक्षर किये। एसोसिएशन ऑफ ब्राज़ीलियन गाय एबीसीजेड 80 साल से गोधन विकास की दिशा में लगातार काम कर रही है।

 

यह जानकारी उबराबा के एक्सपो जेबू में शामिल होने के बाद पशुपालन मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने दी। ब्राजील के राष्ट्रपति मिशेल तेमेर ने एक्सपो जेबू का उदघाटन किया व भारतीय नस्लों की प्रशंसा करते हुए कामधेनु शाला का उदघाटन किया। इस मौके पर हरियाणा के कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ का भी स्वागत किया गया। इस बारे में मंत्री धनखड़ ने कहा कहा हम कामधेनु को भूल रहे है। ब्राजील के लोग अपने गाय-मेले के मुख्य भवन का ‘कामधेनु शाला’नाम रख रहे है। यह उसकी मूल अवधारणा को व्यक्त कर रहा है।

 

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