इंग्लैंड के खिलाफ टीम इंडिया के ‘पेस अटैक’ में है कितनी जान?

टीम इंडिया का इंग्लैंड दौरे पर असली इम्तिहान 1 अगस्त से शुरू होने वाला है, जब पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का आगाज होगा। भारत का बैटिंग डिपार्टमेंट तो काफी मजबूत है लेकिन गेंदबाजी में भुवनेश्वर कुमार और जसप्रीत बुमराह के चोटिल होने से थोड़ी चिंता बढ गई है। हालांकि, इन दोनों की अनुपस्थिति में इशांत शर्मा, उमेश यादव, मोहम्मद शमी, शार्दुल ठाकुर और हार्दिक पांड्या जैसे गेंदबाज टीम इंडिया के पास हैं और अपनी गेंदबाजी से इंग्लैंड के बीस विकेट चटकाने की पूरी झमता रखते हैं। इस साल दक्षिण अफ्रीकी के दौरे पर तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में भी भारतीय तेज गेंदबाजों ने अपना दमखम दिखाया था। भारत भले ही सीरीज 1-2 से हार गया था, लेकिन भारतीय पेसर्स ने 60 में से 47 विकेट चटकाए थे। विदेशी पिचों खासकर इंग्लैंड में टेस्ट मैच जीतने के लिए किसी भी टीम के तेज गेंदबाजों की भूमिका अहम होती है। भारत को इंग्लैंड के खिलाफ 2014 के दौरे पर टेस्ट सीरीज में 3-1 से हार का सामना करना पड़ा था।

हालांकि, उस दौरे पर पहले दो टेस्ट मैचों में भारत का प्रदर्शन बेहतरीन रहा था। जहां नॉटिंघम में खेला गया पहला मुकाबला ड्रॉ रहा था, तो वहीं भारत ने लॉर्ड्स में खेला गया दूसरा मुकाबला 95 रनो से अपने नाम किया था। इसके बाद के तीन टेस्ट मैचों में भारत जीत की पटरी से उतर गया। भारत को इंग्लैंड ने साउथेम्प्टन में हुए तीसरे टेस्ट मैच में 266 रनों से, मैनचेस्टर में हुए चौथे मैच में पारी और 54 रनों से तथा केनिंग्टन ओवल में हुए आखिरी मैच में पारी और 244 रनों से मात दी थी। हालांकि, इस सीरीज में टीम इंडिया को गेंदबाजों की वजह से नहीं, बल्कि बल्लेबाजों की नाकामी की वजह से हार मिली थी। साल 2014 के दौरे पर भारतीय टीम में शामिल रहे गेंदबाजों में इशांत शर्मा, मोहम्मद शमी और उमेश यादव इस बार भी टीम के साथ हैं। भुवी की कमी टीम इंडिया को जरूर खलेगी, जिन्होंने 2014 के इंग्लैंड दौरे पर शानदार गेंदबाजी की थी।

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