मारे गए भारतीयों के परिजनों ने ताबूत खोलने से किया इंकार,सरकार को साधा निशाना….

मालूम हो कि इराक में मारे गए 39 भारतीयों में से 38 के शव के अवशेष सोमवार को विशेष विमान से भारत वापस लाए गए और उन्हें उनके रिश्तेदारों को सौंप दिया गया। इन अवशेषों को लाने के लिए केंद्रीय राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह खुद इराक गए थे। इसके बाद उन्होंने अवशेषों को मृतकों के परिजनों तक पहुंचाया। इराक में खूंखार आतंकी संगठन आईएस द्वारा मारे गए 39 भारतीयों में से 27 पंजाब, चार हिमाचल, छह बिहार और दो पश्चिम बंगाल से थे।

इराक में मारे गए 39 भारतीयों में से 6 बिहार के रहने वाले थे। जिनमें से 5 के अवशेष परिवार वालों तक पहुंचाने के लिए मंगलवार सुबह विमान सिवान पहुंचा।

जिसके बाद सिवान के पुलिस लाइन में जिलाधिकारी महेंद्र कुमार और एसपी नवीन चंद्र झा ने इन्हें श्रद्धांजलि दी मगर पशोपेश की स्थिति तब पैदा हो गई, जब इराक में मारे गए सुनील कुमार कुशवाहा और अदालत सिंह के परिवार वालों ने उनके अवशेष लेने से इंकार कर दिए।

इन दोनों मृतकों के परिजनों का कहना है कि बिहार सरकार ने मृतकों के परिवार वालों को पांच पाच लाख रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया है, जो नाकाफी है। सुनील कुशवाहा की पत्नी पूनम देवी ने कहा कि उनके दो छोटे-छोटे बच्चे हैं, जिनकी उम्र क्रमशः छह साल और आठ साल है। पति के मौत के बाद उन्हें परिवार चलाने में काफी दिक्कत हो रही है। इसी वजह से उन्होंने मांग की कि जब तक उन्हें नौकरी नहीं मिल जाती है, तब तक वह अपने पति के अवशेष को स्वीकार नहीं करेंगी।

वहीं, दूसरी तरफ अदालत सिंह के परिजनों ने भी उनके अवशेष लेने से इंकार कर दिया और मांग की कि जिस तरीके से पंजाब सरकार ने वहां के मृतकों के परिवार वालों को मुआवजे के अलावा सरकारी नौकरी का एलान किया है, उसी तरीके से बिहार सरकार को अभी मृतकों के परिवार वालों को नौकरी देनी चाहिए। वहीं, एक शव के अवशेष के डीएनए मैच किए जा रहे है। डीएनए मैच होने के बाद ही राजू यादव के अवशेष को वापस लाया जाएगा।

 

मारे गए भारतीयों के परिजनों ने ताबूत खोलने से साफ इंकार कर दिया और साथ ही कैंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आशंका उठाई कि वो इस बात पर कैसे यकीन करें कि ये शव उनके अपने लोगों के ही हैं? हालांकि विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह का कहना है कि भारतीयों के शवों को डीएनए टेस्ट के बाद ही भारत वापस लाया गया है। दरअसल, केंद्र सरकार ने आदेश दिया है कि अवशेष के ताबूत न खोले जाएं, क्योंकि उसमें कई प्रकार की गैसें हैं, जो इंसान के लिए घातक साबित हो सकती हैं। सरकार के इस आदेश के बाद मृतकों के परिजनों ने कहा कि इस आदेश के बाद उनको सरकार के ऊपर शक है। उनका कहना है कि वो इस पर कैसे विश्वास करें कि जो अवशेष मिले हैं, वो उन्हीं के परिजनों के ही हैं?

इराक में मारे गए भारतीयों के परिजनों को मुआवजा देने को लेकर विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह के बयान पर विवाद हो गया है। इसको लेकर कांग्रेस ने मोदी सरकार पर करारा हमला बोला है। साथ ही बिहार में दो मृतकों के परिजनों ने शव के अवशेष लेने से इनकार कर दिया है। दरअसल, मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने के सवाल पर केंद्रीय राज्यमंत्री वीके सिंह ने कहा, ”ये बिस्कुट बांटने वाला काम नहीं है। ये आदमियों की जिंदगी का सवाल है। आ गई बात समझ में?  मैं अभी ऐलान कहां से करूं? जेब में कोई पिटारा थोड़ी रखा हुआ है।”

 

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