इराक में फंसे 39 भारतीयों की मौत,मारे गए लोगों के परिजन के सब्र का बांध टूटा….

आ‍खिरकार उम्‍मीदें टूट गईं। इराक में फंसे 39 भारतीयों की मौत हो चुकी है। इनमें 27 पंजाब के थे। विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज की घोषणा के बाद पंजाब में मातम छा गया और मारे गए लोगों के परिजन के सब्र का बांध टूट गया। इन भारतीयों के शव विशेष विमान से पहले अमृतसर लाए जाएंगे। मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने इस खबर को हृदय विदारक बताया। उन्‍हाेंने इन लोगों की मौत पर दुख जताया और उनके परिजनाें के प्रति संवेदना जताई है। कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी, पूर्व उपमुख्‍यमंत्री सुखबीर बादल और दिल्‍ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने भी शोक जताया है।

कैप्‍टन ने की हर परिवार को प्रति माह 20 हजार देने की घोषणा,  सुषमा से पीडितों की मदद की अपील की

दूसरी आेर, सीएम अमरिंदर ने विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज से प्रभावित परिवारों को अार्थिक सहायता उपलब्‍ध कराने का अनुराेध किया है। उन्‍होंने इस संबंध में सुषमा स्‍वराज को पत्र लिखा है। उन्‍होंने पंजाब सरकार की ओर पंजाब के पीडि़त हर परिवार को प्रति माह 20 हजार रुपये देने का एेलान भी किया है।

 27 पंजाब के युवाअों सहित 39 भारतीय इराक काम करने गए थे। 2014 में आइएसआइएस ने उनको अगवा कर लिया था। तभी से आशंका जताई जा रही थी कि आतंकी संगठन आइएसआइएस ने उनकी हत्‍या कर दी है, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो रही थी। परिवारों काे उनके सुरक्षित होने की उम्‍मीद थी। कुछ माह पूर्व विेदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज ने भी उनके जीवित होने की बात कही थी और उनकी तलाश किए जाने की बात कही थी।

 

इन लोगों के लापता होने से पंजाब में उनके परिजन सांसत में थे, लेकिन उनकी उम्‍मीदें बनी हुई थी। मारे गए पंजाबियों में अमृतसर के 8, जालंधर के 6, गुरदासपुर के 4, होशियारपुर के 3, नवांशहर और कपूरथला के 2-2 और लुधियाना व संगरूर के 1-1 शामिल हैं।

मारे गए लोगों में आठ अमृतसर अौर छह जालंधर जिले के रहने वाले थे

होशियारपुर के गांव रामकलोनी कैंप के रहने वाले कमलजीत सिंह की माता संतोष कुमारी ने कहा है कि पूर्व जरनल वीके सिंह के इराक दौरे से उन्हें पूरी उम्मीद थी कि उनके बच्चों के बारे में कोई अच्छी खबर मिलेगी, लेकिन सारी आशाएं धरी की धरी रह गई। बेटे कमलजीत के इंतज़ार में आंखें बिछाए रही मां की आंखों से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहा है। मां ने कहा कि किसी मंत्री ने उनकी एक नहीं सुनी। हमारे बच्चों को मारने वालों को भी मौत मिलनी चाहिए।

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