दुनिया खत्म हो जाएगी पर ये पेड़ नहीं… अमर है ये रामायण काल का वृक्ष

पर्यावरण को बचाने में इस पेड़ का ख़ास योगदान माना जाता है। यह पेड़ एक दिन में 20 घंटे से ज्यादा समय तक ऑक्सीजन बनाने में सफल होता है।

दुनिया के खत्म होने के बाद कुछ नहीं बचेगा, ये बात हम सभी बहुत ही अच्छे से जानते हैं. हम सभी इस बात से बखूबी वाकिफ हैं कि एक दिन ये दुनिया खत्म होनी ही है और जब इस दुनिया का सर्वनाश हो जाएगा तो दुनिया में कुछ नहीं रह जाएगा. ऐसे में एक पेड़ के बारे में काफी समय से बातें की जा रहीं है कि सब खत्म हो जाएगा लेकिन ये पेड़ हमेशा जीवित रहेगा और इसे कोई खत्म नहीं कर सकता. जी हाँ दरअसल में लोग एक पेड़ के बारे में यह बात कहते नजर आ रहें है कि सारी दुनिया खत्म हो जाएगी लेकिन यह पेड़ हमेशा ऐसे ही रहेगा जैसा है। यह पेड़ 250 साल पुराना है और यह कोलकाता के आचार्य जगदीशचंद्र बोस बोटैनिकल गार्डन में है।

 

इस पेड़ की चौड़ाई 14,500 वर्गमीटर है और यह बहुत ही शानदार तरह से फल-फूल रहा है। कहते है कि सिर्फ अभी ही नहीं बल्कि कई पौराणिक कथाओं में भी इस पेड़ के बारे में बताया गया है। इस पेड़ को लोग वटवृक्ष कहते है जो ईश्वर का प्रतीक माना जाता है। जब सारी दुनिया पानी में डूब जाती है तब भी वटवृक्ष बचा रह सकता है। पर्यावरण को बचाने में इस पेड़ का ख़ास योगदान माना जाता है। यह पेड़ एक दिन में 20 घंटे से ज्यादा समय तक ऑक्सीजन बनाने में सफल होता है। यह भी कहा जाता है कि जब अकाल पड़ता है तब इसके पत्ते जानवरों को खिलाए जाते हैं जिससे वे जीवित रह सकें। आइए जानते है इसके बारे में और कुछ बातें इस वीडियो के माध्यम से.

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